देश की खबरें | निजी अस्पतालों में कोविड के इलाज पर आने वाले खर्च से संबंधित जनहित याचिका को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करेगा न्यायालय

नयी दिल्ली, 21 सितंबर उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को कहा कि देश भर के निजी अस्पतालों में कोविड-19 के इलाज पर आने वाले खर्च को नियमित करने का निर्देश देने का अनुरोध करने वाली जनहित याचिका को उचित पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाएगा।

प्रधान न्यायाधीश एन. वी. रमण, न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की पीठ से अधिवक्ता सचिन जैन ने अनुरोध किया कि इस याचिका को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने की आवश्यकता है।

अधिवक्ता ने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने पहले केन्द्र सरकार को निर्देश दिया था कि वह राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्रियों और वरिष्इ अधिकारियों की बैठक बुलाए और महामारी की पृष्ठभूमि में समाज के वंचित तबके के लिए कोविड के इलाज पर आने वाले खर्च के मुद्दे पर विचार करे।

पीठ ने कहा, ‘‘यह मामला कोविड पीठ के समक्ष आएगा।’’

पिछले साल अगस्त की शुरुआत में न्यायालय ने केन्द्र से कहा था कि वह राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों से कहे कि वे विधायिका और कार्यपालिका दोनों स्तरों पर कोई योजना बनाएं और निजी अस्पतालों से जुड़ी इलाज के शुल्क की समस्या का समाधान खोजें।

न्यायालय ने यह भी कहा था कि इलाज पर आने वाले ज्यादा खर्च के कारण किसी को भी अस्पतालों से लौटाया नहीं जाना चाहिए।

न्यायालय ने कहा, ‘‘फिलहाल इलाज पर आने वाला खर्च ज्यादा नहीं होना चाहिए।’’

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