देश की खबरें | न्यायालय सिख अलगाववादी की हत्या की नाकाम साजिश मामले में गिरफ्तार भारतीय की याचिका पर सुनवाई करेगा

नयी दिल्ली, 15 दिसंबर उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता के परिवार के एक सदस्य की ओर से दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई चार जनवरी के लिए टाल दी।

अमेरिका में संघीय अभियोजकों ने गुप्ता पर एक सिख अलगाववादी नेता गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की नाकाम साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया गया है।

चेक गणराज्य के अधिकारियों ने अमेरिका और चेक गणराज्य के बीच द्विपक्षीय प्रत्यर्पण संधि के तहत गत 30 जून को गुप्ता को गिरफ्तार किया था।

याचिका में कारावास में गंभीर मानवाधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है, जिसमें गोमांस और सूअर का मांस खाने के लिए मजबूर किया जाना भी शामिल है।

इसमें यह भी आरोप लगाया गया है कि उन्हें राजनयिक पहुंच, भारत में अपने परिवार से संपर्क करने का अधिकार और कानूनी मदद लेने की स्वतंत्रता से वंचित कर दिया गया।

न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति एस. वी. एन भट्टी की पीठ ने इस मामले को ‘‘विदेश मंत्रालय के लिए बेहद संवेदनशील मुद्दा’’ बताया और गुप्ता का प्रतिनिधित्व कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता सी. ए. सुंदरम से कहा कि वह चेक गणराज्य की एक अदालत से संपर्क करें, जहां उनका मुवक्किल एक जेल में बंद है।

पीठ ने वरिष्ठ वकील से उस व्यक्ति के बारे में पूछा, जिसने शीर्ष अदालत में याचिका दायर की है, जिस पर सुंदरम ने कहा कि गुप्ता की ओर से उनके परिवार के सदस्यों में से एक ने याचिका दायर की है।

न्यायमूर्ति खन्ना ने कहा कि चूंकि उन्हें मामले की फाइल देर से मिली, इसलिए वह इसका अध्ययन नहीं कर पाए।

उन्होंने कहा, ‘‘हम शीतकालीन अवकाश के बाद चार जनवरी को इस मामले पर सुनवाई करेंगे।’’

अमेरिका में संघीय अभियोजकों ने एक भारतीय नागरिक पर एक सिख अलगाववादी नेता की हत्या की नाकाम साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया था।

दक्षिणी न्यूयॉर्क जिले के अमेरिकी अटॉर्नी मैथ्यू जी. ऑलसेन ने कहा कि निखिल गुप्ता (52) के खिलाफ हत्या के लिए सुपारी देने का आरोप लगाया गया है, जिसमें अधिकतम 10 साल जेल की सजा का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि साथ ही गुप्ता पर सुपारी देकर हत्या की साजिश रचने का भी आरोप है, जिसमें भी अधिकतम 10 साल जेल की सजा का प्रावधान है।

अमेरिकी अधिकारियों ने दावा किया था कि गुप्ता ने न्यूयॉर्क शहर में रहने वाले सिख अलगाववादी नेता की हत्या के लिए हत्यारे को एक लाख अमेरिकी डॉलर देने की बात स्वीकार कर ली थी।

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