देश की खबरें | धन शोधन मामले में अदालत ने संजय भंडारी को तलब किया
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 16 अक्टूबर धन शोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) से जुड़े मामलों की सुनवाई कर रही एक विशेष अदालत ने रक्षा सौदों के कथित बिचौलिये संजय भंडारी को ‘सम्मन’ जारी किया है और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को उसके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया तेज करने को कहा है। केंद्रीय एजेंसी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

भंडारी, उससे जुड़ी कंपनियों और अन्य के खिलाफ ईडी द्वारा पीएमएलए के विभिन्न प्रावधानों के तहत एक जून को दाखिल किये गये आरोपपत्र पर संज्ञान लेने के बाद बृहस्पतिवार को अदालत ने यह आदेश जारी किया ।

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यहां राऊज एवेन्यू अदालत के विशेष न्यायाधीश ने कहा, ‘‘आरोपी व्यक्ति को सम्मन जारी किया जाए और ईडी को निर्देश दिया जाता है कि वह संजय भंडारी के खिलाफ ब्रिटिश अधिकारियों के समक्ष लंबित प्रत्यर्पण की प्रक्रिया को तेज करे, ताकि उसे कानून के मुताबिक मुकदमा चलाने के लिये भारत लाया जा सके। ’’

ईडी ने कहा कि उसकी जांच में यह पाया गया कि कर चोरी करने के लिये अपने सहयोगियों के साथ मिल कर विदेशों में कालाधन छिपाया, जिससे सरकारी खजाने को भारी वित्तीय नुकसान हुआ।

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ईडी ने दावा किया कि भंडारी की विभिन्न देशों में संपत्ति है और पनामा की एक कंपनी से भी उसके वित्तीय हित जुड़े हुए हैं।

केंद्रीय एजेंसी ने दावा किया , ‘‘यह खुलासा हुआ कि इन सभी विदेशी संपत्ति और कंपनियों का भंडारी ने भारत में आयकर अधिकारियों के समक्ष खुलासा नहीं किया। ’’

ईडी ने भंडारी और अन्य के खिलाफ फरवरी 2017 में धन शोधन का एक आपराधिक मामला दर्ज किया था। 2015 में काला धन रोधी कानून के तहत उसके खिलाफ आयकर विभाग द्वारा दाखिल एक आरोपपत्र पर संज्ञान लेते हुए यह कदम उठाया गया था।

भंडारी देश से फरार है और उसे आखिरी बार ब्रिटेन में देखा गया था।

उसके खिलाफ ईडी धन शोधन के दो मामलों में जांच कर रही है। वहीं, सीबीआई, आयकर विभाग और दिल्ली पुलिस भी भ्रष्टाचार के विभिन्न आपराधिक आरोपों और कर चोरी के मामलों में जांच कर रही है।

आयकर विभाग द्वारा अप्रैल 2016 में उसके खिलाफ की गई छापेमारी में उसके परिसरों से संवेदनशील आधिकारिक रक्षा दस्तावेज बरामद हुए थे।

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