नयी दिल्ली, छह सितंबर भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के पूर्व अध्यक्ष और भारतीय जनता पार्टी के सांसद बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ एक नाबालिग पहलवान द्वारा दर्ज यौन उत्पीड़न की शिकायत पर दिल्ली पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार करना है या नहीं, इस संबंध में दिल्ली की एक अदालत छह अक्टूबर को आदेश जारी करेगी।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश छवि कपूर को बुधवार को आदेश सुनाना था। उन्होंने यह कहते हुए मामले को स्थगित कर दिया कि आदेश तैयार नहीं है।
नाबालिग पहलवान ने एक अगस्त को चैंबर में हुई सुनवाई में अदालत को बताया था कि वह मामले में दिल्ली पुलिस की जांच से संतुष्ट है और पुलिस ने जो ‘क्लोजर रिपोर्ट’ जमा की है, वह उसके विरुद्ध नहीं है। लोक अभियोजक अतुल श्रीवास्तव ने यह जानकारी दी थी।
दिल्ली पुलिस ने 15 जून को अदालत में एक रिपोर्ट दाखिल की थी और नाबालिग पहलवान द्वारा दर्ज कराये गये मामले को निरस्त करने का अनुरोध किया था।
नाबालिग पहलवान के पिता ने जांच के दौरान यह चौंकाने वाला दावा किया था कि उन्होंने अपनी बेटी के साथ अन्याय हुआ मानकर इसका बदला लेने के लिए सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न की झूठी शिकायत दर्ज कराई थी।
पुलिस ने सिंह के खिलाफ यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) कानून के तहत दर्ज मामले को वापस लेने की सिफारिश की थी लेकिन उन पर छह महिला पहलवानों द्वारा दर्ज एक अलग मामले में यौन उत्पीड़न और पीछा करने का आरोप लगाया था।
पुलिस ने नाबालिग पहलवान से जुड़ी शिकायत को निरस्त करने की सिफारिश करते हुए कहा था कि ‘कोई पुष्टि करने वाला साक्ष्य’ नहीं मिला।
क्लोजर रिपोर्ट के बावजूद अदालत तय करेगी कि इसे स्वीकार करना है या आगे जांच का निर्देश देना है।
सिंह लगातार आरोपों से इनकार करते रहे हैं।
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