देश की खबरें | :न्यायालय ने कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर चीन से मुआवजे संबंधी याचिका खारिज की
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नयी दिल्ली, 18 जून उच्चतम न्यायालय ने कोविड-19 महामारी के लिये चीन से 600 अरब अमेरिकी डालर के मुआवजे के लिये अंतरराष्ट्रीय अदालत जाने का केन्द्र को निर्देश देने के लिये दायर याचिका बृहस्पतिवार को खारिज कर दी। याचिका में आरोप लगाया गया था कि चीन ने कथित रूप से जानबूझ कर इस वायरस को पैदा किया था।

प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी और न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना की पीठ ने वीडियो कांफ्रेन्सिंग के माध्यम से मदुरै निवासी के के रमेश की याचिका संक्षिप्त सुनवाई के बाद खारिज कर दी।

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पीठ ने अपने आदेश में कहा, ‘‘याचिका खारिज की जाती है।’’ साथ ही पीठ ने याचिकाकर्ता को इस संबंध में सरकार को प्रतिवेदन देने की छूट प्रदान की।

याचिकाकर्ता की ओर से पेश अधिवक्ता सी आर जया सुकिन ने पीठ से कहा की उनकी याचिका को सरकार के एक प्रतिवेदन के रूप में लेना चाहिए।

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इस जनहित याचिका में दावा किया गया है कि इस बात के पुख्ता सबूत हैं कि कोविड- 19 चीन के वुहान विषाणु संस्थान से निकला और उसने भारत की अर्थव्यवस्था को तबाह कर दिया तथा उसके हजारों नागिरकों की जान ले ली।

याचिका में आरोप लगाया गया है कि चीन ने भारत के खिलाफ जैविक हथियार के रूप में जानबूझ कर कोविड-19 वायरस पैदा किया है।

याचिका में कहा गया था कि कोरोना वायरस भारत और दुनिया के अनेक देशों में फैला लेकिन चीन के वुहान शहर से इसकी उत्पत्ति होने के बावजूद यह आसपास के शहरों में नहीं फैला।

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