देश की खबरें | न्यायालय ने नीरव मोदी के रिश्तेदार को विदेश जाने से रोकने से इनकार किया

नयी दिल्ली, 17 अक्टूबर उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से कहा कि वह पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) धोखाधड़ी मामले में आरोपी भगोड़ा कारोबारी नीरव मोदी के साले मयंक मेहता को बिना किसी ‘‘ठोस आधार’’ के विदेश यात्रा करने से नहीं रोक सकता है।

न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की पीठ ने बंबई उच्च न्यायालय के 23 अगस्त के फैसले को चुनौती देने वाली अपनी याचिका में सीबीआई से कुछ ‘‘ठोस तथ्य’’ लाने के लिए कहा। उच्च न्यायालय ने मेहता को हांगकांग की यात्रा करने तथा तीन महीने तक वहां रहने की अनुमति दी थी।

मेहता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अमित देसाई ने कहा कि अदालत ने उन्हें इसलिए राहत दी थी, क्योंकि उनके प्रयासों से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) देश में 500 करोड़ रुपये वापस लाने में कामयाब हुआ था।

पीठ ने देसाई से पूछा कि इस बात की क्या गारंटी है कि अगर मेहता को विदेश जाने की अनुमति दी गयी तो वह भारत लौटेंगे।

इस पर उन्होंने मेहता की ओर से कहा, ‘‘मेरा घर मुंबई में है। मेरे माता-पिता यहां रह रहे हैं। मेरा पूरा परिवार मुंबई में है। यहां तक कि मेरी बहन और उसका परिवार भी यहां है। मेरे भारत न लौटने को वहन नहीं कर सकता।’’

पीठ ने सीबीआई की ओर से पेश वकील आकांक्षा कौल से इस पर जांच एजेंसी का रुख पूछा। कौल ने कहा कि सॉलिसिटर तुषार मेहता या कोई अन्य वरिष्ठ वकील मामले में दलीलें रखेंगे।

पीठ ने कहा, ‘‘आप ईडी की ओर से पेश नहीं हो रही हैं। अदालत ने उन्हें राहत दी है और हम बिना किसी ठोस आधार के किसी व्यक्ति को विदेश जाने से नहीं रोक सकते हैं।’’

न्यायालय ने कहा कि वह मामले पर मंगलवार को सुनवाई करेगा।

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