Assam Election Result 2026: असम चुनाव  परिणाम में BJP, कांग्रेस, BPF, AIUDF समेत अन्य दलों के प्रमुख बड़े नेता कौन चल रहा है आगे? यहां देखें सूची
Assam Election Result 2026:  असम विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना के साथ ही राज्य की राजनीतिक तस्वीर साफ होती नजर आ रही है. भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी करने के लिए तैयार है. निर्वाचन आयोग (ECI) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 126 सदस्यीय विधानसभा में सत्ताधारी गठबंधन 90 से अधिक सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जो बहुमत के 64 के आंकड़े से काफी ऊपर है.

भाजपा और सहयोगियों का दमदार प्रदर्शन

दोपहर 12:30 बजे तक के रुझानों के अनुसार, भाजपा अकेले 80 सीटों पर आगे चल रही है. भाजपा के सहयोगी दलों ने भी इस जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. असम गण परिषद (AGP) 9 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जिसमें पार्टी अध्यक्ष अतुल बोरा और कार्यकारी अध्यक्ष केशव महंता अपनी-अपनी सीटों (बोकाखाट और कालियाबोर) से आगे चल रहे हैं. वहीं, एनडीए में वापस लौटे बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (BPF) ने बोडोलैंड प्रादेशिक क्षेत्र (BTR) की 10 सीटों पर बढ़त बना ली है.

विपक्ष 'असम सम्मिलित मोर्चा' को लगा झटका

कांग्रेस के नेतृत्व वाला विपक्षी गठबंधन 'असम सम्मिलित मोर्चा' सत्ताधारी दल को कड़ी टक्कर देने में विफल रहा है. कांग्रेस फिलहाल 24 सीटों पर सिमटती नजर आ रही है. सबसे बड़ा उलटफेर जोरहाट सीट पर देखने को मिल रहा है, जहां प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई भाजपा के हितेंद्रनाथ गोस्वामी से पीछे चल रहे हैं. गठबंधन के अन्य सहयोगी दल जैसे 'असम जातीय परिषद' (AJP) का अभी तक खाता नहीं खुला है, जबकि 'राइजोर दल' केवल दो सीटों पर आगे है.

प्रमुख सीटों पर उम्मीदवारों की स्थिति (रुझान/जीत)

चुनाव आयोग के अनुसार कुछ प्रमुख क्षेत्रों की स्थिति इस प्रकार है.

निर्वाचन क्षेत्र अग्रणी/विजेता उम्मीदवार पार्टी
जालुकबारी हिमंत बिस्वा सरमा भाजपा
बोकाखाट अतुल बोरा एजीपी
जोरहाट हितेंद्रनाथ गोस्वामी (बढ़त) भाजपा
माजुली अमिय कुमार भुइयां भाजपा
धूबरी नज़तुल इस्लाम एआईयूडीएफ
सिबसागर अखिल गोगोई राइजोर दल

(नोट: यह सूची ईसीआई के प्रारंभिक रुझानों पर आधारित है और अंतिम परिणाम आने तक इसमें बदलाव संभव है.)

रिकॉर्ड मतदान और चुनावी मुद्दे

इस बार असम के 35 जिलों में रिकॉर्ड 85.91% मतदान दर्ज किया गया, जो जनता की भारी भागीदारी को दर्शाता है. भाजपा ने अपने चुनाव प्रचार में बुनियादी ढांचे के विकास और "डबल इंजन" सरकार के मॉडल को प्राथमिकता दी. दूसरी ओर, कांग्रेस गठबंधन ने पहचान और भूमि अधिकारों के मुद्दों पर वोट मांगे थे, जो फिलहाल प्रभावी साबित होते नहीं दिख रहे हैं.

राजनीतिक महत्व

यदि वर्तमान रुझान अंतिम नतीजों में बदलते हैं, तो भाजपा असम के इतिहास में लगातार तीन बार सत्ता हासिल करने वाली पहली गैर-कांग्रेसी पार्टी बन जाएगी. शाम तक ईवीएम की गिनती पूरी होने के बाद निर्वाचन आयोग द्वारा आधिकारिक घोषणा की जाएगी. बदरुद्दीन अजमल की एआईयूडीएफ (AIUDF) वर्तमान में केवल दो सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जो पिछले चुनावों की तुलना में काफी कम है.