नयी दिल्ली, 17 अक्टूबर उच्चतम न्यायालय ने हरियाणा के मुख्यमंत्री के रूप में नायब सिंह सैनी के शपथ ग्रहण समारोह पर रोक लगाने से बृहस्पतिवार को इनकार कर दिया।
प्रधान न्यायाधीश डी. वाई. चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति जे. बी. पारदीवाला एवं न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने कहा, ‘‘यह किस तरह की याचिका है? यह खारिज की जाती है।’’
सैनी ने दिन में पंचकूला में आयोजित एक समारोह में, दूसरी बार हरियाणा के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सहित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के वरिष्ठ नेताओं के अलावा आम लोग भी मौजूद थे। राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने पंचकूला के दशहरा मैदान में सैनी को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।
याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए वकील ने हरियाणा विधानसभा चुनाव की मतगणना के दौरान कुछ इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में कथित विसंगतियों का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि 20 शिकायतें की गई थीं और मतगणना के दौरान ईवीएम की बैटरी 99 प्रतिशत चार्ज थी। उन्होंने कहा कि आमतौर, मतगणना के दौरान ईवीएम औसतन 60 से 70 प्रतिशत चार्ज रहती हैं।
पीठ ने शपथ ग्रहण समारोह पर रोक लगाने से इनकार कर दिया और सवाल किया, ‘‘हम निर्वाचित सरकार को शपथ लेने से कैसे रोक सकते हैं?’’
इसने कड़ी आपत्ति जताते हुए याचिकाकर्ता पर जुर्माना लगाने की चेतावनी भी दी।
प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ‘‘क्या आप चाहते हैं कि हम निर्वाचित सरकार के शपथ ग्रहण को रोकें? हम आपको सतर्क कर रहे हैं। हम जुर्माना लगाएंगे।’’
इसके बाद पीठ ने याचिका खारिज कर दी।
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