नयी दिल्ली, 26 जून दिल्ली उच्च न्यायालय ने सीमा शुल्क विभाग द्वारा जब्त की गई पीपीई किट्स, मास्क और सैनेटाइजर कोरोना योद्धाओं में वितरित करने का केंद्र को निर्देश देने का अनुरोध करने वाली याचिका को शुक्रवार को ‘‘अदालत के समय की बर्बादी’’ बताया।
याचिका में इन पीपीई किट्स, मास्क और सैनेटाइजर को स्वास्थ्य और पुलिस कर्मियों समेत अग्रिम मोर्चे पर जुटे कोविड-19 योद्धाओं को वितरित करने का अनुरोध किया गया है।
मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और न्यायमूर्ति प्रतीक जालान की पीठ ने याचिका पर सुनवाई करने से इनकार करते हुए कहा कि ‘‘अदालत दूसरों की कीमत पर दान नहीं कर सकती।’’
पीठ ने कहा कि इन सामान के मालिक अदालत का रुख कर अपने सामान छोड़ने का अनुरोध कर सकते हैं इसलिए इन्हें किसी अन्य उद्देश्य के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।
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अदालत ने यह भी कहा कि याचिकाकर्ता हेमंत मंजानी वकील होने के बावजूद ऐसी याचिका दायर कर रहे हैं जो न केवल अदालत के वक्त की बर्बादी है बल्कि ‘‘व्यर्थ’’ भी है।
इसके बाद याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका वापस ले ली।
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