देश की खबरें | अदालत ने केजरीवाल के वीडियो से संबंधित मामले में भाजपा नेता संबित पात्रा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया

नयी दिल्ली, 24 नवंबर दिल्ली की एक अदालत ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के बयान से संबंधित उस छेड़छाड़ किए गए वीडियो को साझा करने के आरोप में भाजपा नेता संबित पात्रा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया, जिसमें कथित तौर पर केजरीवाल को कृषि कानूनों का समर्थन करते दिखाया गया है। अदालत ने कहा कि इस कदम से देशभर में दंगे जैसे हालात बन सकते थे।

मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट ऋषभ कपूर ने आम आदमी पार्टी (आप) की विधायक आतिशी के आवेदन को अनुमति देते हुए दिल्ली पुलिस को भाजपा प्रवक्ता के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज करने और मामले में गहन जांच करने का निर्देश दिया।

आतिशी ने पात्रा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का अनुरोध करते हुए अदालत का रुख किया था, जिसमें दावा किया गया था कि वीडियो में ऐसे बयान हैं जो कृषि कानूनों के संबंध में दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के रुख के बिल्कुल विपरीत हैं।

न्यायाधीश ने कहा, '' तथ्य यह है कि वीडियो प्रस्तावित आरोपी के ट्विटर हैंडल पर 'तीनों कृषि बिलों के लाभ गिनाते हुए सर जी' शीर्षक के साथ साझा किया गया था। प्रथम दृष्टया साबित होता है कि इसे इस इरादे के साथ प्रसारित किया गया कि किसानों को यह विश्वास दिलाया जा सके कि केजरीवाल कृषि कानूनों का समर्थन कर रहे हैं, जिसने विरोध करने वाले किसानों में आक्रोश की स्थिति पैदा हो सकती थी और जिसके परिणामस्वरूप पूरे देश में दंगे जैसे हालात बन सकते हैं।''

अदालत ने कहा कि आरोपों की गंभीरता को देखते हुए गहन जांच की जानी चाहिए। साथ ही एसएचओ को पात्रा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और जांच शुरू करने का निर्देश दिया।

हालांकि, पात्रा ने अपने वकील के जरिए वीडियो के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ किए जाने को खारिज किया और कहा कि भाजपा नेता के ट्वीट पर सवाल उठाए जाने से पहले ही ये वीडियो सार्वजनिक तौर पर उपलब्ध था और कई लोगों ने पहले ही इसे ट्वीट किया था।

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