देश की खबरें | केंद्रीय बलों पर अदालत का आदेश: टीएमसी को जीत का भरोसा, विपक्ष ने एसईसी से तटस्थ रहने को कहा

कोलकाता, 21 जून पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनावों के मद्देनजर 82,000 से अधिक केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती के कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश के बाद तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने पंचायत चुनाव जीतने का भरोसा जताया और विपक्षी दलों पर आगामी चुनाव में हार के भय से राज्य की छवि खराब करने का आरोप लगाया।

विपक्षी दलों ने उम्मीद जताई कि अदालत के फैसले का राज्य निर्वाचन आयोग (एसईसी) द्वारा अक्षरशः पालन किया जाएगा और सत्तारूढ़ व्यवस्था के प्रति पक्षपात नहीं होगा।

टीएमसी प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा, ‘‘हम न्यायपालिका का पूरा सम्मान करते हैं, लेकिन विपक्षी दल एक या दो घटनाओं का जिक्र कर न्यायपालिका को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। विपक्षी दलों की हिंसा में टीएमसी के तीन कार्यकर्ताओं की जान चली गई। हम जानना चाहते हैं कि क्या भाजपा शासन वाले त्रिपुरा में पंचायत चुनावों में केंद्रीय बल तैनात किये जा रहे हैं?’’

उन्होंने कहा कि 2013 के पंचायत चुनावों और उसके बाद के चुनावों में, केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती के बावजूद टीएमसी विजयी हुई। उन्होंने कहा, ‘‘केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती का हमारी जीत पर कोई असर नहीं पड़ेगा। हमें ग्रामीण चुनावों में जीत का पूरा भरोसा है। विपक्षी पार्टियां चाहें तो सेना की भी मांग कर सकती हैं, लेकिन यह हमें जीत हासिल करने से नहीं रोक सकती।’’

घोष ने यह भी कहा कि हार को भांपते हुए विपक्षी दल विमर्श को बदलने की कोशिश कर रहे हैं।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रदेश इकाई के प्रवक्ता समिक भट्टाचार्य ने अदालत के फैसले का स्वागत किया और कहा कि केंद्रीय बलों को तैनात किए बिना बंगाल में निष्पक्ष चुनाव असंभव है। उन्होंने कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि एसईसी अदालत के आदेश का अक्षरश: पालन करेगा।’’

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने उम्मीद जताई कि केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती निष्पक्ष रूप से की जाएगी। उन्होंने कहा, ‘‘हम अदालत के आदेश का स्वागत करते हैं। यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि केंद्रीय सुरक्षा बलों को सत्ता पक्ष के प्रति पूर्वाग्रह के बिना तैनात किया जाए।’’

वाम मोर्चा के अध्यक्ष बिमान बोस ने दावा किया कि राज्य सरकार स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए माहौल सुनिश्चित करने में विफल रही है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)