नयी दिल्ली, 13 अप्रैल दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को एयरएशिया इंडिया के कुछ अधिकारियों के खिलाफ मनी लांड्रिंग जांच के सिलसिले में स्थिति रिपोर्ट जमा करने के लिये कुछ और समय दिया। भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने कंपनी को मिले उड़ान लाइसेंस को चुनौती दी है।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी, न्यायाधीश नवीन चावल की पीठ ने स्वामी की याचिका पर जनवरी, 2020 में पारित अपने आदेश के अनुपालन के लिये जांच एजेंसी को चार सप्ताह का समय दिया। भाजपा नेता ने अपनी याचिका में एयरएशिया को उड़ान लाइसेंस और पूर्ववर्ती विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) की मंजूरी को चुनौती दी थी।
पीठ ने कहा, ‘‘ईडी की तरफ से 23 जनवरी, 2020 के आदेश के संदर्भ में स्थिति रिपोर्ट जमा करने को लेकर और समय देने का आग्रह किया गया है। उन्हें चार सप्ताह के भीतर रिपोर्ट जमा करने की अनुमति दी जाती है।
अदालत ने 23 जनवरी, 2020 को ईडी को बंद लिफाफे में स्थिति रिपोर्ट देने को कहा था।
स्वामी ने अपनी याचिका में जांच के संदर्भ में प्रवर्तन निदेशालय से रिपोर्ट मांगने का आग्रह किया था।
भाजपा नेता ने जुलाई, 2019 में याचिका दायर कर एयरलाइन के अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के संचालन की अनुमति के लिए उसके आवेदन पर रोक लगाने का आग्रह किया था। अदालत ने याचिका खारिज कर दी थी।
स्वामी ने अपनी मुख्य याचिका में तर्क दिया है कि कंपनी को दिये गये उड़ान अधिकार विदेशी निवेश पर सरकार की नीति का उल्लंघन है। कंपनी टाटा समूह और मलेशिया की एयरलाइन एयरएशिया बेरहाद का संयुक्त उद्यम है।
केंद्र ने इस बात से इनकार किया है कि एयरएशिया (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड को मंजूरी देते समय एफडीआई नियमों का कोई उल्लंघन हुआ था।
मामले की अगली सुनवाई 31 अगस्त को होगी।
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