कोलकाता, 26 नवंबर पश्चिम बंगाल के सभी थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाये जाने में देरी पर चिंता जताते हुए कलकत्ता उच्च न्यायालय ने कहा है कि बीरभूम जिले के मल्लारपुर थाने में सीसीटीवी कैमरे कथित रूप से खराब होने की वजह से एक नाबालिग लड़के की हिरासत में मौत का मामला जटिल हो गया है।
न्यायमूर्ति हरीश टंडन और न्यायमूर्ति सौमेन सेन की खंडपीठ ने बुधवार को कहा कि यह उच्चतम न्यायालय के 2015 में जारी एक निर्देश का उल्लंघन है और गंभीर चूक है।
खंडपीठ ने कहा कि राज्य के सभी थानों में सीसीटीवी कैमरे चालू होना जरूरी है।
उच्च न्यायालय ने पिछले महीने नाबालिग लड़के की हिरासत में मृत्यु के सिलसिले में 12 नवंबर को पश्चिम बंगाल के गृह सचिव को निर्देश दिया था कि राज्य के सभी थानों में सीसीटीवी कैमरों की स्थिति बताते हुए हलफनामा जमा करें।
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अदालत ने कहा कि बीरभूम के पुलिस अधीक्षक ने स्वीकार किया है कि मल्लारपुर थाने में उस वक्त सीसीटीवी कैमरे काम नहीं कर रहे थे।
अदालत ने लड़की की मौत पर स्वत: संज्ञान लिया है। लड़के ने 29 अक्टूबर को मल्लारपुर थाने के शौचालय में कथित तौर पर फांसी लगाकर जान दे दी थी।
अदालत ने कहा कि बीरभूम जिले के रामपुरहाट में तैनात एक पुलिस अधिकारी की पत्नी की शिकायत पर उसे चोरी के आरोप में उसके घर से गिरफ्तार किया गया था।
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