देश की खबरें | अदालत ने एमबीबीएस छात्रा को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में एक व्यक्ति को दोषी ठहराया

नयी दिल्ली, 28 अगस्त पुडुचेरी की अदालत ने एमबीबीएस (चतुर्थ वर्ष) की छात्रा प्रियदर्शिनी की आत्महत्या के मामले में स्थानीय निवासी एस. प्रदीप को पांच साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। प्रियदर्शिनी के साथ उसका प्रेम प्रसंग था। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।

प्रियदर्शिनी की मां की याचिका पर मद्रास उच्च न्यायालय के आदेश पर अमल करते हुए यह मामला केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दिया गया था।

अधिकारियों ने बताया कि मेडिकल छात्रा ने 16 मई 2012 की रात अपने छात्रावास के कमरे में खुदकुशी कर ली थी।

सीबीआई ने पाया कि प्रियदर्शिनी आरोपी से प्यार करती थी, लेकिन उसने (प्रदीप ने) उससे दूरी बनानी शुरू कर दी थी, जिसके कारण उनके बीच विवाद रहने लगा था।

सीबीआई के एक प्रवक्ता ने यहां बताया, “यह भी आरोप था कि आरोपी ने एक एसएमएस (संदेश) भेजकर पीड़िता के चरित्र पर संदेह जताया था, जिसके बाद 16 मई 2012 की रात प्रियदर्शनी ने आत्महत्या कर ली।”

उन्होंने कहा कि चेन्नई के फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला विभाग ने प्रियदर्शिनी के मोबाइल फोन से एसएमएस बरामद कर लिया था, जिसके बाद सीबीआई ने 24 नवंबर 2017 को प्रदीप के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था।

छह साल तक चले मुकदमे के बाद अदालत ने प्रदीप को दोषी ठहराया।

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