देश की खबरें | न्यायालय ने सीबीआई व ईडी को नीरव मोदी के रिश्तेदार से मिली जानकारी साझा करने को कहा

नयी दिल्ली, 19 अक्टूबर उच्चतम न्यायालय ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से कहा है कि वे एक सप्ताह के भीतर बैठक करें और भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी के रिश्तेदार मयंक मेहता द्वारा किए गए खुलासे तथा पैसों के लेन-देन से जुड़ी सामग्री साझा करें। नीरव मोदी पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) धोखाधड़ी मामले में आरोपी है।

न्यायमूर्ति डी. वाई. चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की पीठ ने मेहता से कहा कि जांच एजेंसी को पड़ताल में बैंक खातों के संबंध में जो भी प्रासंगिक जानकारी मिली है, उसे वह सीबीआई के साथ साझा करें।

पीठ बंबई उच्च न्यायालय के 23 अगस्त के आदेश को चुनौती देने वाली सीबीआई की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। उस आदेश में मेहता को हांगकांग की यात्रा करने और वहां तीन महीने तक रहने की अनुमति दी गई थी।

अदालत के आदेश में कहा गया है, ‘‘भारत के सॉलिसिटर जनरल ने स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि आज से एक सप्ताह के भीतर सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय के जांच अधिकारियों के बीच कोई संयुक्त बैठक आयोजित की जाती है तो केंद्र को कोई आपत्ति नहीं होगी...।’’

पीठ ने कहा कि सीबीआई ने बैंक खातों में लेन-देन का खुलासा नहीं करने के मुद्दों को उठाया है। इनमें सिंगापुर में एक खाते में 89 लाख अमेरिकी डॉलर और 18 लाख अमेरिकी डॉलर के दो लेनदेन शामिल हैं जिन्हें नीरव मोदी के पिता द्वारा अंतरित किया गया था।

सर्वोच्च अदालत ने कहा कि मेहता को जानकारी जांच एजेंसी के साथ साझा करनी चाहिए जिसके बाद उन्हें विदेश यात्रा की अनुमति देने पर विचार किया जा सकता है।

पीठ ने कहा, "ये सिर्फ बैंक खातों के विवरण हैं जो आप किसी भी समय दे सकते हैं। आप विदेश यात्रा करना चाहते हैं। खातों का विवरण दें और आप जा सकते हैं।’’

मेहता ईडी मामले में सरकारी गवाह बन गए हैं और उन्हें माफी दे दी गई है।

पीठ ने यह आदेश मंगलवार को पारित किया। मामले में अगली सुनवाई सात नवंबर को होगी।

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