देश की खबरें | भ्रष्टाचार अर्थव्यवस्था को पंगु बना रहा है- उच्च न्यायालय

प्रयागराज, दो फरवरी इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने नोएडा प्राधिकरण में भ्रष्टाचार के एक मामले में देवेंद्र कुमार हंगल की अग्रिम जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा है कि भ्रष्टाचार अर्थव्यवस्था को पंगु बना रहा है।

याचिकाकर्ता ने नोएडा विकास प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ कथित तौर पर साजिश रची और नोएडा में एकीकृत खेल परिसर में पैवेलियन बिल्डिंग के साथ क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण के लिए जारी सार्वजनिक निधि से कई करोड़ रुपये की धांधली की।

आरोप है कि आरोपी देवेंद्र कुमार हंगल ने अपनी कंपनी के जरिए नोएडा प्राधिकरण के मुख्य अभियंता यादव सिंह के साथ मिलकर षड़यंत्र रचा और करोड़ों रुपये के सरकारी धन की धांधली की।

न्यायमूर्ति दिनेश कुमार सिंह ने 25 जनवरी के अपने आदेश में कहा, ‘‘अदालत को अग्रिम जमानत की अर्जी पर विचार करते समय अपराध की प्रकृति पर ध्यान देना पड़ता है और यदि अपराध गंभीर है तो अदालत को जमानत देने से इनकार करना चाहिए। भ्रष्टाचार इस देश की अर्थव्यवस्था को पंगु बना रहा है।’’

उल्लेखनीय है कि हंगल के खिलाफ 13 जनवरी, 2012 को गौतम बुद्ध नगर के थाना सेक्टर 39 में भारतीय दंड संहिता और भ्रष्टाचार रोधी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

उच्च न्यायालय के 16 जुलाई, 2015 के आदेश के तहत इस मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को हस्तांतरित कर दी गई। सीबीआई ने इस मामले की जांच कर पूरक आरोप पत्र दाखिल किया।

अदालत ने जांच रिपोर्ट देखने और संबद्ध पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कहा, ‘‘आरोपों और जांच रिपोर्ट से पता चलता है कि मेसर्स आनंद बिल्डटेक प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किए गए क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण कार्य में आरोपी और इस कंपनी के निदेशक हंगल एवं अन्य सह आरोपियों ने सरकारी धन की भारी धांधली की।’’

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