देश की खबरें | कोरोना वायरस : दो महीने से अधिक समय बाद दिल्ली में धार्मिक स्थल खुले
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नयी दिल्ली, आठ जून कोरोना वायरस की रोकथाम के लिये जारी लॉकडाउन के बीच राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में करीब ढाई महीने बाद धार्मिक स्थल खुले जहां श्रद्धालुओं ने सोमवार को पूजा एवं प्रार्थना की । इस दौरान सामाजिक मेल जोल से दूरी का पालन किया गया और इन धार्मिक स्थलों के प्रबंधकों ने परिसरों को सैनिटाइज करवाया ।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 23 मार्च को धार्मिक स्थानों को बंद कर दिया गया था । इसके दो दिन बाद कोरोना वयरस के संक्रमण के प्रसार के कारण देश भर में लॉकडाउन लागू कर दिया गया था ।

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राजधानी का प्रसिद्ध छतरपुर मंदिर परिसर आज सुबह करीब पौने नौ बजे खुला । मंदिर अधिकारियों ने बताया कि पहले घंटे में करीब 300 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए ।

छतरपुर मंदिर प्रबंधन कमेटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी किशोर चावला ने बताया,‘‘हमने मंदिर के प्रवेश द्वार पर सैनिटाइजेशन सुरंग स्थापित की है और आने वाले लोगों की स्क्रीनिंग की जा रही है। मंदिर में प्रसाद और फूल चढ़ाने की अनुमति नहीं दी गयी है।'

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जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी ने बताया कि सुबह पांच बजे तक कोरोना कर्फ्यू के कारण पहली नमाज के लिये मस्जिद नहीं खुली ।

बुखारी ने बताया, ‘‘दूसरी नमाज के दौरान करीब एक बजे बड़ी संख्या में यहां लोगों के आने की उम्मीद है । नमाज के दौरान वायरस के संक्रमण के प्रसार को रोकने के उद्देश्य से सामाजिक मेल जोल की दूरी के नियमों का पालन करने और सैनिटाइजेशन की व्यवस्था की गयी है ।’’

राष्ट्रीय राजधानी के प्रमुख गुरूद्वारों— शीशगंज, रकाबगंज एवं बंगला साहिब— में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति देखी गयी । उन्होंने सामाजिक मेल जोल से दूरी एवं सैनिटाइजेशन के नियमों का ध्यान रखते हुये श्री गुरूग्रंथ साहिब के समक्ष मत्था टेका ।

दिल्ली सिख गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि प्रमुख गुरद्वारों में सैनिटाइजेशन सुरंग का निर्माण किया गया है और सामाजिक मेल जोल की दूरी को अमल में लाया गया है । साथ ही यह सुनिश्चित किया गया है कि गुरूद्वारों के अंदर कोई भी व्यक्ति अधिक समय तक नहीं रूके ।

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