मेंगलुरु, 21 जून यहां की एक स्थानीय अदालत ने सीरियल किलर ‘सायनाइड’ मोहन को कासरगोड़ की एक युवती के साथ दुष्कर्म और हत्या का दोषी ठहराया है।
दोषी के खिलाफ हत्या का यह 20वां और अंतिम मामला है। उस पर कई महिलाओं के साथ दोस्ती कर उनसे दुष्कर्म करने और सायनाइड दे कर उनकी हत्या करने के आरोप हैं।
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इस मामले में सजा 24जून को सुनाए जाने की उम्मीद है।
इससे पहले उसे पांच मामलों में मौत की सजा और तीन मामलों में उम्रकैद की सजा सुनाई जा चुकी है। मौत की दो सजाओं को बाद में उम्रकैद में बदल दिया गया था।
अभियोजन का यह मामला 25 वर्षीय एक युवती का है जो कासरगोड़ में एक महिला छात्रावास में खाना बनाती थी और 2009 में मोहन के संपर्क में आई थी।
मोहन तीन बार उसके घर गया और उससे विवाह करने का वादा किया।
आठ जुलाई 2009 को महिला घर से यह कह कर निकली कि वह सूल्लिया में एक मंदिर जा रही है।
इसके बाद मोहन उसे बेंगलुरु ले गया और जब लड़की के परिजन ने उसे फोन करके लड़की के बारे में पूछा तो उसने बताया कि उन्होंने शादी कर ली है और जल्द ही घर लौट आएंगे।
वह महिला को बस अड्डे के पास एक लॉज में ले गया, वहां दोनों ने संबंध बनाए। अगले दिन निकलने से पहले उसने युवती से आभूषण कमरे में ही छोड़ने के लिए कहा।
अभियोजन ने कहा कि दोनों बस अड्डे पर पहुंचे वहां मोहन ने उसे सायनाइड लगी एक गोली देते हुए कहा कि यह गर्भनिरोधक गोली है। इसके बाद दोनों वहां से चले गए। युवती गोली खा कर बस अड्डे के शौचालय के पास गिर गई।
उसे एक पुलिसकर्मी पास के अस्पताल ले गया जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस मामले में अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज किया गया था।
मोहन को अक्टूबर 2009 में गिरफ्तार किया गया और उसकी तस्वीर देख कर युवती की बहन से उसे पहचान लिया। इसके बाद उसके खिलाफ मामला चला।
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