ठेकेदार मौत मामला: मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने दिया पारदर्शी जांच का आश्वासन, इस्तीफे की मांग खारिज की
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने मंगलवार को कहा कि पुलिस एक ठेकेदार की मौत की संपूर्ण और पारदर्शी तरीके से जांच करेगी।
मेंगलुरु, 12 अप्रैल : कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई (Basavaraj Bommai) ने मंगलवार को कहा कि पुलिस एक ठेकेदार की मौत की संपूर्ण और पारदर्शी तरीके से जांच करेगी. ठेकेदार ने कर्नाटक सरकार के एक मंत्री पर एक सार्वजनिक कार्य में 40 प्रतिशत कमीशन की मांग करने का आरोप लगाया था. बोम्मई ने इस संबंध में मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने की विपक्ष की मांग को भी खारिज कर दिया है. बोम्मई ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘मैं एक बात स्पष्ट करना चाहता हूं कि इस मामले की संपूर्ण जांच की जाएगी. हमारी तरफ से कोई हस्तक्षेप या निर्देश नहीं होगा. पुलिस स्वतंत्र रूप से मामले की जांच करेगी और सच्चाई सामने आएगी.’’
बेलगावी के संतोष पाटिल नामक एक ठेकेदार उडुपी के एक होटल में अपने कमरे में मृत पाए गए थे. उन्होंने कर्नाटक के ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज मंत्री के एस ईश्वरप्पा पर उनके द्वारा किए गए कार्यों पर 40 प्रतिशत कमीशन की मांग करने का आरोप लगाया था. मंत्री ने न केवल अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज किया बल्कि ठेकेदार के खिलाफ मानहानि का मुकदमा भी दायर किया. अपने कथित व्हाट्सएप संदेश में, पाटिल ने मंत्री को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया था. मुख्यमंत्री ने कहा कि जांच के परिणाम के आधार पर कार्रवाई की जाएगी. यह भी पढ़ें : मंदिर मुद्दे का राजनीतिकरण करने की कोशिश सफल नहीं होगी : तमिलनाडु के मुख्यमंत्री स्टालिन
बोम्मई ने कहा, ‘‘हमने पुलिस को मामले की व्यवस्थित तरीके से जांच करने का निर्देश दिया है, जैसे कि फॉरेंसिक साइंस, स्पॉट इंस्पेक्शन, पूछताछ और सब कुछ कानून के अनुसार होना चाहिए. यह एक ईमानदार और पारदर्शी जांच होगी.’’ ठेकेदार की मौत पर विपक्षी कांग्रेस पार्टी द्वारा इस्तीफे की मांग के बारे में पूछे जाने पर बोम्मई ने कहा, ‘‘सिद्धारमैया के मुख्यमंत्री रहते एक पुलिस अधिकारी ने आत्महत्या कर ली थी. मैं आपसे पूछना चाहता हूं कि क्या सिद्धारमैया ने इस्तीफा दिया.’’ मुख्यमंत्री ने ठेकेदार की मौत पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि प्रत्येक जीवन मूल्यवान है. हालांकि, जांच से पता चलेगा कि पाटिल ने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया.