नयी दिल्ली, 30 अगस्त खान मंत्रालय का मानना है कि खान एवं खनिज (विकास तथा नियमन) कानून के कुछ प्रावधानों से सरकार खजाने को राजस्व का भारी नुकसान होगा। इसी के मद्देजनर मंत्रालय ने कानून में कुछ संशोधनों का प्रस्ताव किया है।
मंत्रालय की वेबसाइट पर डाली गई जानकारी में कहा गया है कि इन संशोधनों से कई संभावित खनिज संसाधन वाले क्षेत्रों का दोहन हो सकेगा। अभी विभिन्न कारणों से इन क्षेत्रों के खनिज संसाधनों का दोहन नहीं हो पा रहा है।इसमें एक कारण पिछले कानून के पाटाक्षेप का प्रावधान न होना भी है।
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मंत्रालय ने कहा कि उसने संभाव्य लाइसेंस और खनन पट्टा देने से संबंधित प्रावधानों में संशोधन का प्रस्ताव किया है। इस तरह के खनिज ब्लॉकों का आवंटन पारदर्शी नीलामी प्रक्रिया के जरिये होना चाहिए।
इस कानून की धारा 10ए(2)(बी) उन पट्टों या लीज से संबंधित है जिनमें प्राथमिक परिमट या संभाव्य लाइसेंस दिया जाता है। 10ए(2)(सी) खनन पट्टे से संबंधित है।
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मंत्रालय ने कहा कि 10ए(2)(बी) और 10ए(2)(सी) प्रावधानों को जारी रखने से सरकारी खजाने को भारी वित्तीय नुकसान होगा। संशोधन विधेयक के तहत इन प्रावधानों में संशोधन तथा ऐसी खनिज ब्लॉकों का पारदर्शी नीलामी प्रक्रिया से पुन:आवंटन का प्रस्ताव है।
मंत्रालय ने कहा कि मौजूदा समय में कई संभाव्य पट्टे विरासत में मिले मामलों में अटके हुए हैं। इनके आवंटन का समय निकलने की वजह से इन्हें लीज पर नहीं दिया जा सकता। इसी तरह कानूनी मामलों की वजह से इनकी नीलामी भी नहीं की जा सकती।
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