कोलकाता, दो दिसंबर लोकसभा में कांग्रेस संसदीय दल के नेता अधीर रंजन चौधरी ने ‘धन के बदले प्रश्न’ मामले में विवादों में आयी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद महुआ मोइत्रा के समर्थन में सामने आते हुए लोकसभा की आचार समिति के कथित अनैतिक आचरण की आलोचना की और आरोप लगाया कि समिति ने सरकार की शह पर अपनी रिपोर्ट तैयार की है।
लोकसभा की आचार समिति ने मोइत्रा की निचले सदन से सदस्यता समाप्त करने की सिफारिश की है जिसे सोमवार को लोकसभा में पेश किए जाने की संभावना है।
चौधरी ने यह भी सवाल उठाया कि इस मुद्दे पर आचार समिति की बैठक में हुई गोपनीय चर्चा को कैसे सार्वजनिक कर दिया गया।
चौधरी की टिप्पणियां लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को लिखे उनके पत्र के बाद आईं, जिसमें उन्होंने संसदीय समितियों को नियंत्रित करने वाले नियमों और प्रक्रियाओं के पुनर्मूल्यांकन का आह्वान किया था।
पिछले महीने लोकसभा आचार समिति में बहुमत द्वारा अपनाई गई एक रिपोर्ट में मोइत्रा को सदन से निष्कासित करने की सिफारिश की गई थी, जिसमें तृणमूल सांसद पर व्यवसायी दर्शन हीरानंदानी के इशारे पर संसद में सवाल उठाने के लिए “अवैध परितोषण” स्वीकार करने का आरोप लगाया गया था।
यह रिपोर्ट लोकसभा में सोमवार को पेश की जानी है।
चौधरी ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “मैंने लोकसभा अध्यक्ष को लिखने का फैसला किया क्योंकि जिस तरह से एक निर्वाचित सांसद का अपमान किया जा रहा है और प्रताड़ित किया जा रहा है, वह अस्वीकार्य है। आचार समिति काफी अनैतिक तरीके से काम कर रही है। आचार समिति के अध्यक्ष इस बात का खुलासा कैसे कर सकते हैं कि एक बंद कमरे में हुई बैठक में क्या हुआ? क्या यह नैतिक है?”
लोक लेखा समिति के अध्यक्ष के रूप में, चौधरी ने ऐसी बैठकों में चर्चा की गोपनीयता पर जोर देते हुए कहा कि उन्हें सार्वजनिक नहीं किया जा सकता है।
टीएमसी के मुखर आलोचक होने के बावजूद पश्चिम बंगाल कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि यह मुद्दा पार्टी संबद्धता से परे है।
उन्होंने कहा कि यह दिखाता है कि कैसे एक विपक्षी सांसद को परेशान किया जा रहा है, और कदाचार के किसी भी सबूत के बिना प्रतिशोध की कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने कहा, “वे रिश्वत की बात कर रहे हैं, लेकिन सबूत कहां है, पैसा कहां है? बिना किसी सबूत के कोई किसी सांसद को निष्कासित करने की सिफारिश कैसे कर सकता है? यह अन्याय है। मैंने इसका विरोध करने का फैसला किया और इसका उनकी पार्टी से संबद्धता से कोई लेना-देना नहीं है।”
चौधरी के इस बयान पर राज्य में विपक्षी भाजपा की तरफ से तीखी प्रतिक्रिया आई और उसने पूछा कि क्या सांसद भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे हैं।
भाजपा प्रवक्ता समिक भट्टाचार्य ने चौधरी से भ्रष्टाचार पर उनका रुख स्पष्ट करने को कहा। मोइत्रा का समर्थन करने के लिए चौधरी की आलोचना करते हुए भट्टाचार्य ने कहा कि तृणमूल सांसद ने राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डाला।
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