देश की खबरें | बैठक में प्रवेश करने से रोके जाने पर बिफरे कांग्रेस विधायक का जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर धरना
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

इंदौर (मध्यप्रदेश), 27 जुलाई कोविड-19 को लेकर यहां कारोबारी संगठनों के साथ प्रशासन की बैठक में शामिल होने से रोके जाने के विरोध में स्थानीय कांग्रेस विधायक संजय शुक्ला ने सोमवार को जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर करीब दो घंटे तक धरना दिया।

चश्मदीदों ने बताया कि शुक्ला, शहर कांग्रेस अध्यक्ष विनय बाकलीवाल और पार्टी के कुछ अन्य नेता कलेक्टोरेट परिसर में आयोजित बैठक में शामिल होने पहुंचे थे। लेकिन उन्हें बैठक हॉल में जाने की इजाजत नहीं दी गयी। इससे नाराज होकर ये लोग जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर ही धरने पर बैठ गये।

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बाद में जिलाधिकारी मनीष सिंह ने शुक्ला और अन्य कांग्रेस नेताओं से चर्चा की। इसके बाद उन्होंने धरना खत्म किया।

सिंह ने संवाददाताओं को बताया, "कांग्रेस विधायक और अन्य लोगों को कारोबारी संगठनों के साथ प्रशासन की बैठक में आने से इसलिये रोका गया क्योंकि वे इसमें आमंत्रित नहीं थे। हालांकि, मैंने कांग्रेस नेताओं से चर्चा कर ली है। उनकी मांग पर आपदा प्रबंधन समूह की आगामी बैठक में फैसला होगा।"

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उधर, शुक्ला ने कहा कि वह ईद और राखी के आगामी त्योहारों के मद्देनजर शहर के कारोबारियों को कोविड-19 की पाबंदियों में छूट देने की मांग को लेकर प्रशासन से चर्चा के लिये बैठक में शामिल होना चाहते थे।

गौरतलब है कि राज्य की आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले इंदौर में कोरोना वायरस संक्रमण रोकने के उपाय के तौर पर कारोबारी संस्थानों के लिये "लेफ्ट-राइट" प्रणाली लागू की गयी है। यानी एक दिन सड़क के दायीं ओर की दुकानें खुलने दी जा रही हैं, तो इसके दूसरे रोज बायीं तरफ की दुकानों को खोले जाने की अनुमति प्रदान की जा रही है। रविवार को प्रदेश भर में लॉकडाउन रहता है।

कारोबारियों का कहना है कि मौजूदा व्यवस्था के कारण वे महीने में 13 दिन ही अपने प्रतिष्ठान खोल पा रहे हैं। नतीजतन उनके लिये दुकान का किराया, कर्मचारियों की तनख्वाह और बिजली का बिल जैसे नियमित खर्च निकालना तक मुश्किल हो रहा है।

प्रशासन से कारोबारियों की मांग है कि उन्हें सोमवार से शुक्रवार तक पांच दिन तक सतत दुकानें खोलने की अनुमति दी जाये और शनिवार तथा रविवार को लॉकडाउन रखा जाये।

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