कोच्चि/अलप्पुझा, 26 जून केरल में कांग्रेस नीत यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) और भाजपा ने बिजली दर में 6.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी को लेकर लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) सरकार की आलोचना की। एक दिन पहले केरल राज्य विद्युत नियामक आयोग ने दर में वृद्धि की घोषणा की थी।
राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष (कांग्रेस) वी डी सतीशन ने कोच्चि में संवाददाताओं से कहा कि राज्य सरकार द्वारा बस, ऑटो और टैक्सी किराए में वृद्धि के एक महीने बाद बिजली दर में बढ़ोतरी की गई है।
उन्होंने कहा कि केरल राज्य विद्युत बोर्ड (केएसईबी) का ऋण कथित तौर पर इसकी विभिन्न परियोजनाओं में भ्रष्टाचार के साथ-साथ इसके कुप्रबंधन के कारण है और यह वित्तीय बोझ अब आम जनता के कंधों पर स्थानांतरित किया जा रहा है। सतीशन ने कहा कि राज्य सरकार अपनी फिजूलखर्ची को नियंत्रित करने या टालने के बजाय आम लोगों पर अकारण ही भारी आर्थिक बोझ लाद रही है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष के सुरेंद्रन ने भी इस मुद्दे पर सरकार की आलोचना की। अलप्पुझा में सुरेंद्रन ने पत्रकारों से कहा कि दर में वृद्धि बहुत बड़ी है और जनता के लिए एक बड़ा झटका है, खासकर जब राज्य ने हाल ही में बस, ऑटो और टैक्सी किराए में बढ़ोतरी की है।
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार लोगों की हितैषी नहीं है क्योंकि मुख्यमंत्री पिनराई विजयन आम लोगों पर इस तरह का वित्तीय बोझ डालते हुए ‘‘हर महीने एक नयी काली कार खरीद रहे हैं।’’
इस बीच, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के प्रदेश सचिव कोडियारी बालकृष्णन ने कहा कि वेतन का भुगतान समय पर किया जाएगा क्योंकि इस सरकार ने कभी भी इसमें देरी नहीं की है।
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