जबलपुर (मध्य प्रदेश), 29 अप्रैल कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य विवेक तन्खा ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, राज्य के मंत्री भूपेंद्र सिंह और प्रदेश में भाजपा के अध्यक्ष वीडी शर्मा के खिलाफ स्वयं द्वारा दायर आपराधिक मानहानि के मामले में शनिवार को एक अदालत में अपना बयान दर्ज कराया।
मामले में वरिष्ठ वकील तन्खा ने आरोप लगाया है कि 17 दिसंबर, 2021 को उच्चतम न्यायालय ने मध्य प्रदेश में स्थानीय निकाय में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए आरक्षित सीटों पर चुनाव प्रक्रिया रोकने और उन सीटों को सामान्य वर्ग के लिए फिर से अधिसूचित करने का निर्देश मध्य प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग (एसईसी) को दिया था, जिसके बाद चौहान, सिंह तथा शर्मा ने उनके (तन्खा) खिलाफ आपत्तिजनक व गलत बयानबाजी की थी, जिसके कारण उनकी छवि धूमिल हुई है।
न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी विश्वेश्वरी मिश्रा ने तन्खा का प्रारंभिक बयान दर्ज किया।
कांग्रेस नेता की ओर से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने पैरवी की।
उनके स्थानीय वकील अर्पित तिवारी ने कहा कि तन्खा ने अपने बयान में कहा कि न तो उन्होंने ओबीसी आरक्षण से संबंधित किसी भी अदालती कार्यवाही में भाग लिया था और न ही उन्होंने इस मुद्दे पर कोई याचिका दायर की थी।
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