जयपुर, 16 अप्रैल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राजस्थान इकाई के अध्यक्ष मदन राठौड़ ने ‘नेशनल हेराल्ड’ मामले को लेकर कांग्रेस पार्टी द्वारा देश भर में विरोध प्रदर्शन करने पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए बुधवार को कहा कि धरना प्रदर्शन करना कांग्रेस का अधिकार है लेकिन उन्हें ‘जमीन और धन’ लूटने का अधिकार नहीं है।
राठौड़ ने आरोप लगाया कि इस मामले में ‘करोड़ों की संपत्ति एक अनाम कंपनी के हाथ में चले जाना यह गांधी परिवार का ‘मॉडल ऑफ डेवलपमेंट’ है।
उन्होंने कहा, “नेशनल हेराल्ड’ को सरकार द्वारा संपत्ति दी गई थी लेकिन उसे खुर्द-बुर्द करना भ्रष्टाचार का खुला आचरण है।”
राठौड़ ने कहा कि जब 1937 में ‘नेशनल हेराल्ड’ शुरू हुआ था उस समय 5000 शेयर धारक थे।
उन्होंने कहा कि यह संपत्ति स्वतंत्रता सेनानियों की है किसी खानदान की जागीर नहीं है।
राठौड़ ने दावा किया कि कंपनी के गठन के समय भी सरदार पटेल ने धन जुटाने के तरीके पर सवाल उठाए थे।
उन्होंने आरोप लगाया, “उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रभान गुप्ता ने भी इसके लिए धन इकट्ठा किया था लेकिन स्वतंत्रता सेनानियों की प्रॉपर्टी अब खानदान की प्रॉपर्टी बना दी गई।”
राठौड़ के अनुसार, “प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इस मामले में कांग्रेस नेता मोतीलाल बोरा, पवन बंसल, सोनिया गांधी, राहुल गांधी सबसे पूछा पर किसी के पास भी अनियमितताओं के बारे में संतोषजनक जवाब नहीं था।”
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