अहमदाबाद, आठ जुलाई कांग्रेस ने फैसला किया है कि वह गुजरात में आगामी विधानसभा चुनाव को उसके और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच का मुकाबला नहीं बनने देगी, बल्कि वह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के स्थानीय नेतृत्व के खिलाफ अपनी प्रचार मुहिम को केंद्रित करेगी, क्योंकि उसे लगता है कि भाजपा के पास स्थानीय स्तर पर कोई मजबूत नेता नहीं है।
मुख्य विपक्षी दल ने राज्य में मुख्यमंत्री पद के लिए अपना कोई उम्मीदवार घोषित नहीं करने की अपनी परिपाटी भी अमल करने का फैसला किया है।
उल्लेखनीय है कि गुजरात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गृह राज्य है।
राज्य की 182 सदस्यीय विधानसभा के लिए इस साल के अंत में चुनाव होने हैं। भाजपा के समक्ष 24 साल से अधिक समय तक सरकार में बने रहने के बाद सत्ता विरोधी लहर को मात देने की कठिन चुनौती है।
प्रियंका गांधी वाद्रा समेत कुछ शीर्ष नेताओं वाले कांग्रेस के कार्य बल ने आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति तैयार करने के लिए इस सप्ताह के शुरु में दिल्ली में गुजरात के नेताओं से मुलाकात की थी।
पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी द्वारा गठित कार्य बल में वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम, मुकुल वासनिक, के.सी. वेणुगोपाल, रणदीप सिंह सुरजेवाला और अन्य नेता शामिल हैं। बैठक में कांग्रेस की गुजरात इकाई के प्रभारी रघु शर्मा, पार्टी की राज्य इकाई के अध्यक्ष जगदीश ठाकोर, विपक्ष के नेता सुखराम राठवा, कांग्रेस की गुजरात इकाई के दो पूर्व अध्यक्षों अर्जुन मोढवाडिया एवं अमित चावड़ा और पार्टी प्रवक्ता मनीष दोशी ने हिस्सा लिया था।
दोशी ने ‘पीटीआई-’ से कहा, ‘‘दिल्ली में कांग्रेस की गुजरात इकाई के नेताओं के साथ कार्य बल की बैठक के दौरान आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारी को लेकर एक विस्तृत रणनीति तैयार की गई।’’
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