चूराचंद्रपुर, 12 नवंबर मणिपुर के पहाड़ी इलाकों में मंगलवार को पूर्ण बंद के कारण स्कूल, कॉलेज एवं बाजार बंद जबकि सड़कों पर वाहन नजर नहीं आये।
पहाड़ी क्षेत्रों में 13 घंटे का यह बंद सुबह पांच बजे शुरू हुआ है जिसका आह्वान ‘कुकी-जो काउंसिल’ ने सोमवार को जिरिबाम में (सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में) लोगों के मारे जाने पर सामूहिक दुख एवं उनके परिवारों के साथ एकजुटता प्रदर्शित करने के लिए किया था।
मणिपुर पुलिस ने कहा कि जिरिबाम जिले में सुरक्षाबलों के साथ भीषण मुठभेड़ में 10 संदिग्ध उग्रवादी मोर गये थे। इससे पहले फौजी की वर्दी में आये इन उग्रवादियों ने बोरोबेकरा थाने और एक नजदीकी सीआरपीएफ पर अंधाधुंध गोलीबारी की थी।
वैसे एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने मृतकों की संख्या 11 बतायी।
अधिकारियों ने बताया कि आज बंद के दौरान कुकी बहुल पहाड़ी क्षेत्रों से किसी अप्रिय घटना की खबर नहीं है।
वैसे ज्यादातर स्थानों पर स्कूल-कॉलेज बंद रहे तथा दुकानें भी नहीं खुलीं। सड़कों पर सरकारी एवं निजी वाहन नजर नहीं आये। सरकारी कार्यालय भी बंद रहे।
विभिन्न कुकी-जो संगठनों ने जिरिबाम के घटनाक्रम की जांच की मांग करते हुए केंद्रीय बलों की निंदा की।
कुकी स्टूडेंट ओर्गनाइजेशन (केएसओ) ने एक बयान में कहा, ‘‘... किसी भी सीआरपीएफ कर्मी को अपने शिविर परिसर से बाहर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इस नोटिस का उल्लंघन करने वाला कोई भी सीआरपीएफ कर्मी अपने जोखिम और जिम्मेदारी पर ऐसा करेगा। यह निर्देश इस नोटिस के जारी होने के तुरंत बाद प्रभावी हो जाएगा और तब तक लागू रहेगा जब तक सीआरपीएफ सार्वजनिक रूप से जिरिबाम में अपने बर्बर कृत्यों को स्वीकार नहीं कर लेता और माफी नहीं मांग लेता।’’
जोमी स्टूडेंट ओर्गनाइजेश ने इस मुठभेड़ की अदालत की निगरानी में जांच की मांग की।
हमार स्टूडेंट ओर्गनाइजेशन (एचएसए) ने इस घटना की सीबीआई जांच की मांग की।
एचएसए ने उन क्षेत्रों से तबतक के लिए सीआरपीएफ और मणिपुर पुलिस बलों को तत्काल हटाने की भी मांग की जहां कुकी-जो समुदाय रहते हैं, ‘जब तक विश्वसनीय, तटस्थ सुरक्षा उपाय लागू नहीं हो जाते।’
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