जरुरी जानकारी | सेंट्रल कोलफील्ड्स की खान में पर्यावरण शर्तों का पालन नहीं करने के आरोपों की जांच को समिति बनी

नयी दिल्ली, 23 जून राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) ने सेंट्रल कोलफील्ड्स लि. की झारखंड के चतरा जिले में पुरनाडीह खुली कोयला खदान में पर्यावरण मंजूरी की शर्तों का कथित रूप से पालन नहीं करने को लेकर दायर अर्जी पर गौर करने के लिये एक समिति बनायी है।

न्यायाधीश एस पी वांगडी तथा विशेषज्ञ सदस्य सिद्धांत दास की पीठ ने सेंट्रल कोलफील्ड्स, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तथा अन्य को नोटिस जारी कर एक महीने के भीतर जवाब देने को कहा है।

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एनजीटी की समिति में पर्यावरण मंत्रालय के क्षेत्रीय कार्यालय, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रतिनिधि और विशेषज्ञ मूल्यांकन समिति के सदस्य शरद लेले शामिल हैं।

अधिकरण ने समिति को सवालों के घेरे में आयी परियोजना का संयुक्त रूप से निरीक्षण करने, तथ्यात्मक रूप से सत्यापन करने और उसके बारे में रिपोर्ट देने को कहा है।

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पीठ ने कहा, ‘‘याचिका में जिन शर्तों के उल्लंघन की बात कही गयी है, अगर वे सही पाये गये तो परियोजना से जुड़ी कंपनी के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई शुरू की जाएगी।’’

अधिकरण झारखंड निवासी संजय चौहान की याचिका पर सुनवाई कर रहा है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि सेंट्रल कोलफील्ड्स लि. पयर्यावरण और वन मंत्रालय द्वारा दी गयी पर्यावरण मंजूरी की शर्तों का अनुपालन नहीं कर रही है।’’

याचिका में दावा किया गया है कि कोयले के लिये अलग निर्माण और खनन क्षेत्र के आसपास हरित क्षेत्र विकसित करने जैसी शर्तों का अनुपालन नहीं किया गया है।

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