देश की खबरें | उपराज्यपाल की ओर से नियुक्त समिति ने बस खरीद मामले में दिल्ली सरकार को क्लीन चिट दी : सिसोदिया

नयी दिल्ली, 10 जुलाई दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने शनिवार को कहा कि उपराज्यपाल अनिल बैजल द्वारा नियुक्त एक समिति ने दिल्ली सरकार को बसों की खरीद के मामले में क्लीन चिट दे दी है और यह मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की ईमानदार राजनीति का सबूत है।

हालांकि, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की दिल्ली इकाई ने सिसोदिया के दावे को खारिज किया और कहा कि समिति की रिपोर्ट ने इसके बजाय ‘‘यह साबित किया है कि इसमें घोटाला हुआ था।’’ भाजपा ने सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) पर लोगों को ‘‘गुमराह’’ करने का आरोप लगाया।

अधिकारियों ने बताया कि तीन सदस्यीय समिति में दिल्ली सरकार के परिवहन और सतर्कता आयुक्त शामिल थे। इसका गठन पिछले महीने उपराज्यपाल अनिल बैजल ने किया था जिसने आठ जुलाई को बैजल को अपनी रिपोर्ट सौंपी। उपराज्यपाल द्वारा नियुक्त समिति की जांच के चलते परिवहन विभाग ने बस खरीद प्रक्रिया पर रोक लगा दी थी।

भाजपा दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) द्वारा खरीदी जाने वाली 1,000 लो-फ्लोर बसों के वार्षिक रखरखाव अनुबंध में केजरीवाल सरकार पर घोटाले में शामिल होने का आरोप लगाती रही है।

सिसोदिया ने कहा कि समिति ने 3,000 दस्तावेजों का विश्लेषण किया और कई सवाल उठाए, जिसके बाद उसने निष्कर्ष निकाला कि केजरीवाल के नेतृत्व वाली सरकार बसों की खरीद में किसी घोटाले में शामिल नहीं थी।

उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा नीत केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त समिति का कहना है कि कोई घोटाला नहीं हुआ है। यह इस बात का सबूत है कि केजरीवाल ईमानदार हैं। केजरीवाल उनके लिए काम करते हैं जिन्होंने उन्हें चुना है और भाजपा की तरह लड़ने में शामिल नहीं होते हैं।’’ सिसोदिया ने कहा, ‘‘दिल्ली सरकार लोगों के लिए दिन रात काम कर रही है। लेकिन भाजपा नेता इससे सीख लेने की बजाय नफरत और झूठ फैला रहे हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा जनहित के कार्यों को रोक रही है। भाजपा नेताओं को शर्म आनी चाहिए और जनता के सामने माफी मांगनी चाहिए।’’

सिसोदिया ने दावा किया कि 2008 से 2015 तक दिल्ली में बस नहीं खरीदी गई। उपमुख्यमंत्री सिसोदिया ने कहा, ‘‘2015 में सरकार बनने के बाद जब भी मुख्यमंत्री केजरीवाल ने सार्वजनिक परिवहन सेवा में सुधार को लेकर बसों की खरीद के लिए निविदा निकाली है, तो भाजपा नेताओं ने रोड़ा अटकाने की कोशिश की।’’

सिसोदिया ने कहा, ‘‘उनके तमाम झूठ और बाधाओं के बावजूद, दिल्ली सरकार दिल्ली के लोगों के हितों के लिए काम करने के लिए प्रतिबद्ध है। अब दिल्ली में बसें आएंगी और सार्वजनिक परिवहन सेवा को और बेहतर किया जाएगा।’’

दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने ट्विटर पर कहा कि राष्ट्रीय राजधानी को 1,000 बसें मिलेंगी। उन्होंने ट्वीट में कहा, ‘‘सत्य की जीत होती है, साजिशें बेनकाब हो जाती हैं। मैंने कई बार कहा था कि भाजपा हमारे किसी भी फैसले की कहीं से भी जांच करवा ले। हकीकत यह है कि भाजपा का असली मकसद अरविंद केजरीवाल जी को बदनाम करना और दिल्ली वालों के लिए बसें दिलाने की प्रक्रिया को पटरी से उतारना था। मुझे खुशी है कि दिल्ली को 1000 बसें मिलेंगी।’’

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