जयपुर, 14 सितंबर उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने बृहस्पतिवार को कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य का व्यवसायीकरण कभी समाज के हित में नहीं है। साथ ही उम्मीद जताई कि नयी शिक्षा नीति से स्थिति में बदलाव आयेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि आज भारत का डंका पूरे विश्व में बज रहा है।
धनखड़ जोबनेर में श्री कर्ण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय के 11वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे।
धनखड़ ने कहा की भारत में पहले शिक्षा और स्वास्थ्य को व्यवसाय नहीं माना जाता था, लेकिन अब स्थिति बदल गयी है। उन्होंने जोर दिया कि शिक्षा और स्वास्थ्य का व्यवसायीकरण कभी समाज के हित में नहीं हो सकता।
उपराष्ट्रपति ने नयी शिक्षा नीति का जिक्र करते हुए कहा कि व्यापक मंथन के बाद तैयार की गयी इस नीति से स्थिति में बदलाव आयेगा।
उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि मेरे सामने वो युवा बैठे हैं जो भारत को 2047 में नंबर वन देश बनाएंगे।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि आज भारत का डंका पूरे विश्व मे बज रहा है। एक समय था कि हमारे पास मुश्किल से पंद्रह दिन के आयात लायक विदेशी मुद्रा बची थी और सोने की चिड़िया कहे जाने वाले इस देश का सोना जहाज के द्वारा विदेश भेजना पड़ा था।
उन्होंने कहा लेकिन आज हमारा विदेशी मुद्रा भंडार 600 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक है।
आधिकारिक बयान के अनुसार उपराष्ट्रपति ने कहा कि दस वर्ष पूर्व हमें विश्व की पांच कमजोर अर्थव्यवस्थाओं में गिना जाता था और आज हम विश्व की पांच सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक हैं।
देश मे पारदर्शिता बढ़ाने के प्रयासों की सराहना करते हुए धनखड़ ने कहा, ‘‘पहले जो सरकारी राहत मिलती थी उसे बिचौलिए चाट जाते थे, बिचौलियों के बीना काम नहीं होता था, लेकिन आज वे बिचौलिए कहां गए? सत्ता के सभी केंद्र इन भ्रष्ट तत्वों से मुक्त कर दिए गए हैं।"
उपराष्ट्रपति ने कहा,‘‘भारत की तरक्की देखकर कुछ लोगों का हाजमा खराब हो जाता है और वे देश के बारे में उल्टी सीधी बातें करने लगते हैं।’’
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