नयी दिल्ली, 16 मई वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कोयला क्षेत्र में सरकार का एकाधिकार समाप्त करने के उपायों की शनिवार को घोषणा करते हुए कहा कि इसके लिए लगभग 50 कोयला प्रखंड पेश किये जाएंगे।
उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र को कोयले का वाणिज्यिक उत्खनन करने के लाइसेंस राजस्व में हिस्सेदारी की व्यवस्था के तहत दिए जाएंगे।
वित्त मंत्री ने प्रोत्साहन आर्थिक पैकेज की चौथी किस्त की घोषणा करते हुए यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि निजी क्षेत्र को प्रति टन निर्धारित शुल्क की जगह राजस्व में सरकार की हिस्सेदारी व्यवस्था के आधार पर कोयले का वाणिज्यिक उत्खनन का लाइसेंस दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इसके लिए नीलामी में लगभग 50 कोयला प्रखंडों को पेश किया जायेगा।
उन्होंने कहा कि घटिया कोयले के आयात को कम करने और कोयला उत्पादन में आत्मनिर्भरता बढ़ाने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है।
इसके अलावा, सरकार कोयला खान क्षेत्र से बाहर पहुचाने के बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिये 50,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी।
उन्होंने कहा कि कोयला गैसीकरण और द्रवीकरण को राजस्व साझेदारी में छूट के माध्यम से प्रोत्साहित किया जायेगा। उन्होंने कहा कि कोयला बेड मीथेन (सीबीएम) के उत्पादन को भी प्रोत्साहित किया जायेगा।
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