नयी दिल्ली, 19 जनवरी उच्चतम न्यायालय बृहस्पतिवार को उस याचिका पर सुनवाई के लिए राजी हो गया, जिसमें आरोप लगाया गया है कि आईपीएल के पूर्व आयुक्त ललित मोदी ने पूर्व अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी के खिलाफ अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कुछ “अपमानजनक” टिप्पणी की थी।
प्रधान न्यायाधीश डी. वाई. चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति पी.एस. नरसिम्हा और न्यायमूर्ति जे.बी. पारदीवाला की पीठ को वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने बताया कि मोदी ने बिना किसी आधार के रोहतगी के खिलाफ “अपमानजनक आरोप” लगाए हैं।
पीठ ने कहा, “हमें दस्तावेज उपलब्ध कराइए। हम आईए (अंतरिम आवेदन) को अगले शुक्रवार को उपयुक्त पीठ के समक्ष रखेंगे।”
आईपीएल के पूर्व आयुक्त ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में रोहतगी के बारे में कुछ टिप्पणियां की थीं। बताया जाता है कि बाद में एक और पोस्ट में, उन्होंने वरिष्ठ अधिवक्ता से माफी मांगी।
इससे पहले शीर्ष अदालत ने पिछले साल एक अगस्त को शीर्ष अदालत के पूर्व न्यायाधीश आर.वी. रवींद्रन को आईपीएल के पूर्व प्रमुख और उनकी मां बीना मोदी से जुड़े पारिवारिक संपत्ति विवाद को निपटाने के लिए मध्यस्थ नियुक्त किया था।
वरिष्ठ अधिवक्ता रोहतगी संपत्ति विवाद में बीना मोदी का प्रतिनिधित्व करने वाले वकीलों में से एक हैं।
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