जम्मू, छह मार्च उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू कश्मीर (पीओजेके) से आए लोगों से खुद को शरणार्थी नहीं मानने का आह्वान करते हुए सोमवार को कहा कि उनकी कॉलोनियों को नियमित करने के लिए प्रशासन कदम उठायेगा क्योंकि उनके अधिकारों को सुरक्षा प्रदान करना ‘‘हमारी जिम्मेदारी’’ है।
उन्होंने इस बात पर बल दिया कि पीओजेके भारत का अभिन्न हिस्सा है तथा ‘अखंड भारत’ का सपना आने वाले समय में सच साबित होगा।
जम्मू के बाहरी क्षेत्र भौर में विस्थापितों के लिए विशेष शिविर का उद्घाटन करने के बाद एक कार्यक्रम में अपने संबोधन में उन्होंने कहा, ‘‘ आप इस देश के नागरिक हैं और धरती पुत्र हैं। आप अखंड भारत के गौरवशाली नागरिक हैं और आपको जम्मू कश्मीर एवं देश के विकास में अपनी भूमिका निभाने के लिए आगे आना चाहिए।’’
पीओजेके को कब्जे में लेने के पक्ष में लगाये जा रहे नारों के बीच सिन्हा ने कहा, ‘‘ पीओजेके भारत का अभिन्न हिस्सा है और रहेगा। धरती पर कोई भी ताकत उसे हमसे अलग नहीं कर सकती और मुझे इस बात पर कोई संदेह नहीं है कि हमारे पुरखों ने ‘अखंड भारत’ का जो सपना देखा था, एक दिन वह हकीकत बनकर रहेगा।’’
उन्होंने कहा कि विस्थापित लोगों को मुख्यधारा में लाये बगैर ‘नये जम्मू कश्मीर’ का विकास अधूरा है। उन्होंने कहा, ‘‘ हम सभी का कल्याण सुनिश्चित करने के लिए कटिबद्ध हैं ताकि वे अपनी सच्ची क्षमता को को पहचान सकें और राष्ट्र-निर्माण में योगदान कर सकें।’’
उन्होंने कहा, ‘‘विस्थापित परिवारों की कॉलोनियों को नियमित करने के लिए कदम उठाये जायेंगे। उनके अधिकारों को सुरक्षा प्रदान करना तथा युवाओं की अकांक्षाओं को पूरा करने के लिए उपयुक्त माहौल बनाना हमारी जिम्मेदारी है।’’
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