शिमला, 13 दिसंबर हिमाचल प्रदेश में गोबर खरीद योजना अगले साल जनवरी से शुरू होगी और छोटे, सीमांत और प्रगतिशील किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए ब्लॉक स्तर पर क्लस्टर बनाए जाएंगे। कृषि मंत्री चन्दर कुमार ने बुधवार को यह जानकारी दी।
यहां कृषि एवं पशुपालन विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने बताया कि प्रारंभिक चरण में एक ब्लॉक में 250 किसानों का पंजीकरण किया जायेगा। इस योजना में किसानों से दरे रुपये प्रति किलो की दर से गोबर खरीदने की परिकल्पना की गई है।
मंत्री ने कहा कि क्लस्टर में शामिल किसानों को कृषि और संबद्ध क्षेत्रों जैसे मुर्गी पालन और गाय पालन को अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा और उन्हें राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ भी दिया जाएगा।
योजना की सफलता के लिए पशुपालन और कृषि विभागों के बीच तालमेल की आवश्यकता पर बल देते हुए मंत्री ने कहा कि योजना के प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए पशुपालन विभाग और कृषि विभाग के दो नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं।
उन्होंने यहां जारी बयान में कहा कि राज्य के किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और पशुपालकों और किसानों के हित में ठोस कदम उठाए गए हैं, जिसमें दूध खरीद मूल्य में छह रुपये की बढ़ोतरी भी शामिल है।
उन्होंने कहा कि किसानों से खरीदे गए गोबर का उचित भंडारण किया जाएगा और बागवानी, कृषि क्षेत्रों और नर्सरी में इसकी आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने कहा कि किसानों के जैविक उत्पादों के लिए बाजार उपलब्ध कराया जाएगा और जैविक फसलों को आकर्षक कीमतों पर खरीदा जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि किसानों को राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं और नीतियों से अवगत कराने के लिए ई-बुकलेट भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हाल ही में कांग्रेस सरकार का एक साल पूरा होने पर इस योजना को शुरू करने की घोषणा की थी।
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