देश की खबरें | जलवायु केआईसी रिपोर्ट में समावेशी चक्रीय अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए रूपरेखा प्रस्तुत की गई

बेंगलुरु, 22 मई यूरोपीय जलवायु नवाचार एजेंसी, ‘क्लाइमेट केआईसी’ ने बृहस्पतिवार को एक रिपोर्ट जारी की जिसमें शहरी अपशिष्ट की समस्या को दूर करने तथा तेजी से बढ़ते शहरीकरण में समावेशी चक्रीय अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए एक रूपरेखा प्रस्तुत की गई है।

समावेशी चक्रीय अर्थव्यवस्था वह आर्थिक मॉडल है जो पर्यावरण को संरक्षित करते हुए सभी के लिए आर्थिक लाभ प्रदान करता है। इसका मुख्य उद्देश्य संसाधनों का अधिकतम उपयोग करना, अपशिष्ट को कम करना और आर्थिक और सामाजिक समावेशिता को बढ़ावा देना है।

यह रिपोर्ट बेंगलुरु और नैरोबी में संचालित ‘सर्कुलर इकोनॉमी इनोवेशन क्लस्टर्स’ (सीईआईसी) से प्राप्त जानकारी पर आधारित है। इस रिपोर्ट को शहर में ‘क्लाइमेट केआईसी’ द्वारा आयोजित दो दिवसीय संगोष्ठी के दौरान जारी किया गया।

‘क्लाइमेट केआईसी’ के रणनीतिक कार्यक्रम प्रबंधक, बर्जर्के कोवशाज ने कहा कि क्लाइमेट केआईसी जलवायु की दृष्टि से लचीलापूर्ण समाजों का निर्माण करने और जलवायु विघटन से लड़ने में मदद करता है, जिससे वैश्विक स्तर पर स्थानीय समुदायों के लिए बेहतर भविष्य का निर्माण होता है।

कोवशाज ने कहा, ‘‘हमारी नवीनतम रिपोर्ट में बताया गया है कि कैसे स्थानीयकृत, समावेशी नवाचार क्लस्टर ऐसे समाधान खोज सकते हैं जो न केवल अपशिष्ट का प्रबंधन करते हैं बल्कि इसे रोकते भी हैं।’’

उन्होंने कहा कि जब बात बेंगलुरु की आती है, तो रिपोर्ट शहर के पारिस्थितिकी तंत्र में अनौपचारिक अपशिष्ट श्रमिकों की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर देती है, तथा एक न्यायोचित परिवर्तन की मांग करती है जिसमें कौशल उन्नयन, बेहतर कार्य स्थितियां और नए व्यापार मॉडल में एकीकरण शामिल है।

‘इंटरनेशनल काउंसिल फॉर सर्कुलर इकोनॉमी (आईसीसीई) की संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक शालिनी गोयल भल्ला ने कहा कि रिपोर्ट में अपशिष्ट रोकथाम और अनौपचारिक श्रमिकों के एकीकरण को प्राथमिकता देने वाले मॉडलों पर प्रकाश डाला गया है।

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