देश की खबरें | गंगा की सफाई सिर्फ सरकार का काम नहीं बल्कि समाज की भी जिम्मेदारी है: शेखावत

नयी दिल्ली, तीन नवंबर जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने बुधवार को कहा कि समाज को यह सोचने की जरूरत है कि गंगा नदी की सफाई उसकी अपनी जिम्मेदारी है और इसे मात्र सरकार के काम के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

शेखावत ने गंगा उत्सव के समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि सभी को स्वयं को पर्यावरण का संरक्षक समझना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘इस पर्यावरण के संरक्षक की भूमिका हमारी है। हमें इसे बेहतर बनाने और अगली पीढ़ी को सौंपने की जरूरत है और इसे और खराब नहीं करना है। समाज को यह सोचने की जरूरत है कि गंगा नदी की सफाई करना उसकी जिम्मेदारी है, न कि यह सिर्फ सरकार का काम है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘भारत में नदियों के प्रति श्रद्धा की परंपरा है। उपभोक्तावाद के उदय के साथ, यह संबंध टूट गया है। नदी उत्सव नदियों के सम्मान की इस परंपरा को पुनर्जीवित करने की शुरुआत करेगा। यह लोगों को हमारी नदियों के संरक्षण के लिए प्रोत्साहित करेगा।’’

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि गंगा की सफाई की दिशा में काफी काम करने की जरूरत है। रिजिजू ने कहा, ‘‘मुझे विश्वास है कि अगले तीन से चार वर्ष में स्वच्छ गंगा मिशन सफल होगा। एक भारतीय के रूप में मेरा मानना ​​है कि गंगा का कायाकल्प और सफाई देश में सबसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मैंने देश की लगभग हर नदी का दौरा किया है। विशेष रूप से गंगा, कुछ साल पहले बहुत प्रदूषित दिखती थी। आज, यह साफ दिखती है। काम प्रेरणादायक है और मैं मिशन के लिए अपना पूरा समर्थन देने की प्रतिज्ञा करता हूं और इसमें शामिल होने और इसके वास्ते योगदान करने में मुझे प्रसन्नता होगी।’’

उन्होंने कहा कि नमामि गंगे (राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन) केवल एक सामान्य सरकारी काम नहीं है, बल्कि एक मिशन है और इसके तहत किए गए कार्य हमें प्रेरणादायक हैं।

सरकार ने तीन दिवसीय ‘गंगा उत्सव-द रिवर फेस्टिवल 2021’ मनाया, जिसमें गंगा नदी के कायाकल्प की दिशा में विभिन्न हितधारकों और सार्वजनिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने पर ध्यान दिया गया।

गंगा उत्सव, 2021 का अंतिम दिन पिछले दो दिनों की झलक के साथ शुरू हुआ, जिसके बाद शोवना नारायण द्वारा कथक नृत्य प्रदर्शन किया गया। उन्होंने मां गंगा की पीड़ा की कहानी प्रस्तुत की और सभी से इसे स्वस्थ रखने में मदद करने की अपील की।

गंगा उत्सव 2021 के अंतिम सत्र में गंगा क्वेस्ट 2021 पर एक रिपोर्ट पेश की गई। मंत्रियों द्वारा एक अभियान ‘गंगा मशाल’ को भी हरी झंडी दिखाई गई।

गंगा मशाल विभिन्न कायाकल्प प्रयासों के लिए नमामि गंगे मिशन के तहत गठित प्रादेशिक सेना की एक बटालियन, गंगा कार्यबल के 'मेरी गंगा मेरी शान' अभियान का हिस्सा है। मशाल गंगा के किनारे से गुजरेगी और 23 स्थानों पर रुकेगी जहां लोगों और स्वयंसेवकों को जागरूक करने के लिए कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

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