विदेश की खबरें | चीन ने ताइवानी नौका के चालक दल की हिरासत की कार्रवाई में हस्तक्षेप न करने की चेतावनी दी: ताइवान
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

इसे ताइवान के क्षेत्र पर अतिक्रमण करने के चीन के नवीनतम प्रयासों के रूप में देखा जा रहा है।

ताइवान के तटरक्षक ने नौका और उसके चालक दल के सदस्यों को छोड़े जाने की फिर से मांग की, जिन्हें मंगलवार रात चीनी तट के पास ताइवान नियंत्रित किनमेन द्वीप के जलक्षेत्र से हिरासत में लिया गया था, लेकिन चीन ने ताइवान की सरकार से संवाद करने से इनकार कर दिया है।

यह घटना विलियम लाइ चिंग-ते के ताइवान के राष्ट्रपति चुने जाने के बाद चीन के साथ बढ़े राजनीतिक तनाव के बीच हुई है। लाइ चिंग-ते की पार्टी चीन के साथ ताइवान के एकीकरण को अस्वीकार करती है, जबकि चीन ने ताइवान की स्वतंत्रता के समर्थकों को जान से मारने की स्पष्ट धमकी दी है।

ताइवानी तटरक्षक के प्रवक्ता ह्सीह चिंग-चिन ने कहा कि जब चीनी एजेंट ने नौका रोका, तब वह चीनी जलक्षेत्र में नहीं थी। उन्होंने कहा कि चीनी एजेंट नौका को चीन के फुजियान प्रांत के बंदरगाह पर ले गए।

चिंग-चिन ने कहा, ‘‘हम (चीनी पक्ष से) स्पष्टीकरण देने और नौका एवं उसके चालक दल को छोड़ने का आग्रह करते हैं।’’

ताइवान के समुद्री अधिकारियों ने एक बयान में कहा कि दो चीनी जहाजों ने 'दाजिनमैन 88' को मंगलवार शाम किनमेन द्वीपसमूह पर रोक लिया।

बयान के मुताबिक, ताइवान ने 'दाजिनमैन 88' को बचाने के लिए तीन पोत भेजे, लेकिन चीनी नावों ने उन्हें रोक दिया और हस्तक्षेप नहीं करने की चेतावनी दी।

ताइवान की आधिकारिक ‘सेंट्रल न्यूज एजेंसी’ ने बताया कि नौका पर एक कैप्टन और चालक दल के पांच अन्य सदस्य थे। चालक दल के सदस्य ताइवानी और इंडोनेशियाई हैं।

ताइवान के अधिकारियों ने बताया कि जब तटरक्षक नौका पर सवार हुए तब नौका चीन के जिनजियांग से सिर्फ 20 किलोमीटर दूर थी।

एपी

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