चीन के इस कदम से संकेत मिलता है कि यूक्रेन के खिलाफ मॉस्को के आक्रमण को बीजिंग का समर्थन जारी है।
चीन का दावा है कि वह संघर्ष को लेकर तटस्थ है लेकिन उसने अमेरिका और उसके सहयोगियों पर रूस को उकसाने का आरोप लगाया है तथा उसने रूस के साथ मजबूत आर्थिक राजनयिक और व्यापारिक रिश्तों को बरकरार रखा है।
चीन की समाचार एजेंसी ‘शिन्हुआ’ की खबर के मुताबिक, युद्धाभ्यास में 10 से ज्यादा पोत और 30 से अधिक विमान हिस्सा लेंगे।
मंत्रालय एवं ‘शिन्हुआ’ ने इस बाबत कोई ब्यौरा नहीं दिया है लेकिन माना जाता है कि यह अभ्यास आने वाले दिनों में जापान के सागर के एक हिस्से में होगा।
रक्षा मंत्रालय ने बुधवार को एक विज्ञप्ति में बताया कि चीन के पोत दोपहर में अपने रूसी समकक्षों के साथ शामिल हो गए हैं।
एपी
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