हालांकि, ऑस्ट्रेलिया की इस कथित कार्रवाई के बारे में पहले मीडिया में कोई खबर नहीं आई है।
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान द्वारा यह आरोप लगाये जाने से एक दिन पहले ही ऑस्ट्रेलियाई मीडिया के लिये काम करने वाले ऑस्ट्रेलिया के दो आखिरी पत्रकार चीन से रवाना हो गये। वे हिरासत में लिये जाने की आशंका को लेकर चीन छोड़ कर गये। साथ ही, चीन के विदेश मंत्रालय ने घोषणा की थी कि ऑस्ट्रेलियाई नागरिक चेंग लेई (चीनी सरकारी मीडिया के पत्रकार हैं) को राष्ट्रीय सुरक्षा अपराध के संदेह में हिरासत में ले लिया गया है।
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चीन के विदेश मंत्रालय के आरोप पर फिलहाल ऑस्ट्रेलिया की सरकार की कोई टिप्पणी नहीं आई है।
चीन, ऑस्ट्रेलिया का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है लेकिन चीनी संचार कंपनी हुवावे पर पाबंदी लगाये जाने और राजनीति में गुप्त हस्तक्षेप को प्रतिबंधित करने के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है।
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कोविड-19 महामारी की स्वतंत्र जांच की ऑस्ट्रेलियाई सरकार द्वारा अपील किये जाने के बाद उनके बीच संबंध और अधिक तनावपूर्ण हो गये।
झाओ ने कहा कि चारों पत्रकार शिन्हुआ समाचार एजेंसी, चाइना सेंट्रल रेडियो, सरकारी प्रसारणकर्ता सीसीटीवी और चाइना न्यूज एजेंसी के थे।
उन्होंने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि इन चारों के कंप्यूटर, मोबाइल फोन और यहां तक कि बच्चों के टैबलेट और इलेक्ट्रॉनिक खिलौने भी छापेमारी में जब्त कर लिये गये।
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