West Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण में हुई कथित अनियमितताओं के बाद आज राज्य के 15 मतदान केंद्रों पर दोबारा मतदान (Repolling) कराया जा रहा है. भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने दक्षिण 24 परगना जिले के इन बूथों पर पहले हुए मतदान को शून्य घोषित कर दिया था. मतदान प्रक्रिया सुबह 7:00 बजे कड़ी सुरक्षा के बीच शुरू हुई और यह शाम 6:00 बजे तक जारी रहेगी.
इन दो विधानसभा क्षेत्रों में हो रही वोटिंग
चुनाव आयोग के आदेशानुसार, दोबारा मतदान मुख्य रूप से दो विधानसभा क्षेत्रों में केंद्रित है. इसमें मघराहाट पश्चिम (Magrahat Paschim) निर्वाचन क्षेत्र के 11 मतदान केंद्र और डायमंड हार्बर (Diamond Harbour) निर्वाचन क्षेत्र के 4 मतदान केंद्र शामिल हैं. यह भी पढ़े: Axis My India Exit Poll 2026: पश्चिम बंगाल चुनाव के लिए एग्जिट पोल जारी नहीं करेगा एक्सिस माई इंडिया, जानिए क्या है वजह
पश्चिम बंगाल के 15 बूथों पर दोबारा मतदान
#WATCH | West Bengal Elections Re-polling | Heavy security deployment near Magrahat Paschim Assembly Constituency in South 24 Parganas district, where re-polling started at 7 am.
Rapid Action Force (RAF) has been deployed near the polling booth to prevent any disruptions during… pic.twitter.com/GK3Dm2SF6i
— ANI (@ANI) May 2, 2026
आयोग ने स्पष्ट किया कि रिटर्निंग अधिकारियों और पर्यवेक्षकों से मिली रिपोर्ट के आधार पर लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 58(2) के तहत यह निर्णय लिया गया है. 29 अप्रैल को हुए दूसरे चरण के मतदान के दौरान इन केंद्रों पर चुनावी नियमों के उल्लंघन की खबरें आई थीं.
ईवीएम छेड़छाड़ और 'टेपिंग' के आरोप
दोबारा मतदान कराने का सबसे बड़ा कारण ईवीएम (EVM) के साथ छेड़छाड़ की शिकायतें थीं. भाजपा सहित कई विपक्षी दलों ने आरोप लगाया था कि डायमंड हार्बर के कुछ बूथों पर ईवीएम के बटन पर टेप लगा दिया गया था ताकि मतदाता अपनी पसंद के उम्मीदवार को वोट न दे सकें. विशेष रूप से फाल्टा इलाके से ऐसी कई गंभीर शिकायतें मिली थीं, जिसकी पुष्टि चुनाव आयोग की जांच में होने के बाद नए सिरे से मतदान का फैसला लिया गया.
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम और निगरानी
निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए सभी 15 बूथों पर केंद्रीय सुरक्षा बलों की अतिरिक्त कंपनियां तैनात की गई हैं. संवेदनशील इलाकों में ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी के जरिए कड़ी निगरानी रखी जा रही है. स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर सुरक्षा एजेंसियां यह सुनिश्चित कर रही हैं कि इस बार मतदान प्रक्रिया में किसी भी तरह की बाधा न आए.
मतदाताओं में भी इस प्रक्रिया को लेकर उत्साह है. सुबह से ही केंद्रों के बाहर लंबी कतारें देखी जा रही हैं. चुनाव अधिकारियों ने स्थानीय स्तर पर ढोल बजाकर और नोटिस जारी कर मतदाताओं को इस रिपोलिंग की सूचना दी थी ताकि कोई भी अपने मताधिकार से वंचित न रहे.
नतीजों पर प्रभाव और मतगणना की तैयारी
इन 15 बूथों पर मतदान संपन्न होने के बाद राज्य में चुनावी प्रक्रिया के सभी चरणों का समापन हो जाएगा. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए मतगणना 4 मई को होनी निर्धारित है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कड़े मुकाबले वाली सीटों पर इन बूथों का परिणाम निर्णायक साबित हो सकता है. हावड़ा और कोलकाता सहित विभिन्न केंद्रों पर स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा पहले ही बढ़ा दी गई है.












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