देश की खबरें | चाईल्डलाईन 1098 ने एक मई से 31 जुलाई तक एक लाख से अधिक हस्तक्षेप किये

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. मुसीबत में फंसे बच्चों के लिए सरकारी हेल्पलाईन सेवा ‘चाईल्डलाईन 1098’ ने उनसे जुड़े विभिन्न मुद्दों के संबंध में एक मई से 31 जुलाई तक एक लाख से अधिक हस्तक्षेप किये। हेल्पलाईन ने शनिवार को एक बयान में यह जानकारी दी।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, आठ अगस्त मुसीबत में फंसे बच्चों के लिए सरकारी हेल्पलाईन सेवा ‘चाईल्डलाईन 1098’ ने उनसे जुड़े विभिन्न मुद्दों के संबंध में एक मई से 31 जुलाई तक एक लाख से अधिक हस्तक्षेप किये। हेल्पलाईन ने शनिवार को एक बयान में यह जानकारी दी।

देश के 579 जिलों में सातों दिन-चौबीस घंटे क्रियाशील इस हेल्पलाईन ने बच्चों की मुसीबत के संबंध में 1,08,966 हस्तक्षेप किये और उसने उनमें से कुछ मामलों के अध्ययन साझा किये हैं।

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चाईल्डलाईन 1098 ने बताया कि पहले एक ऐसे मामले में फरीदाबाद में रह रहे पिता की उपेक्षा के शिकार दो और आठ साल के दो बच्चे बड़ी मुसीबत में थे और खासकर लॉकडाउन के दौरान वे खाना-पीना और दूध के लिए संघर्षरत रहे।

बयान के अनुसार संकट के कारण बड़े भाई को स्कूल छोड़ना पड़ा। ऐसी सूचना मिलने के बाद फरीदाबाद की चाईल्डलाईन 1098 ने सदर थाने से संपर्क किया और उसे सारी बात बतायी।

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बयान में कहा गया, ‘‘ तब टीम बच्चों के साथ उनकी मां से मिली और उन्हें उचित परामर्श दिया। चाईल्डलाईन ने मां और बच्चे को बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया। समिति ने जे जे कानून के तहत पिता के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया।’’

बयान के अनुसार बच्चों को मां के सुपुर्द कर दिया गया और चाईल्डलाईन 1098 उनके कल्याण के वास्ते उन पर नियमित रूप से नजर रख रही है।

एक अन्य मामले में रेलवे चाईल्डलाईन अमृतसर के पास एक व्यक्ति से गरीब बच्चे के बारे में कॉल आया जिसे चिकित्सा सहायता की बहुत जरूरत थी। उसकी हालत गंभीर थी और टीम ने उसे गुरू नानक देव अस्पताल में भर्ती कराया और टीम यह सुनिश्चित करने के लिए अस्पताल नियमित रूप से अस्पताल जाती रही कि उसका सही इलाज हो। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद टीम उसके घर जाती रही ताकि उसे स्वास्थ्य सुधार के लिए जरूरी भोजन एवं दवाइयां मिलें।

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