नयी दिल्ली, 10 अगस्त कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने लोकसभा में गृह मंत्री अमित शाह द्वारा की गई एक टिप्पणी को लेकर बृहस्पतिवार को उन पर निशाना साधते हुए कहा कि "नस्लीय संहार" के मुद्दे पर चर्चा करना हर नागरिक का कर्तव्य है और अफसोस की बात यह है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पिछले 100 दिनों में मणिपुर का दौरा करने का समय नहीं मिला।
गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को मणिपुर के कुकी और मैतेई समुदायों से बातचीत करने का आग्रह किया। उनकी अपील पर लोकसभा ने एक प्रस्ताव भी पारित किया।
शाह ने विपक्षी सदस्यों से राज्य में जातीय हिंसा के मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं करने का आग्रह किया।
उनकी इस इस टिप्पणी पर चिदंबरम ने कहा, ‘‘नस्लीय संहार शर्मनाक है। इससे माननीय गृह मंत्री ने स्वीकार किया। यह उनकी निगरानी में हुआ।’’
चिदंबरम के अनुसार, ‘‘गृह मंत्री का यह भी कहना था कि यह ''अधिक शर्मनाक'' है कि इस पर राजनीति हो रही है। उनकी यह बात गलत है। नस्लीय संहार का मुद्दा उठाना और उस पर बहस करना हर नागरिक का कर्तव्य है, खासकर राजनीतिक नेताओं और सांसदों का कर्तव्य है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘अफसोस की बात यह है कि माननीय प्रधानमंत्री को पिछले 100 दिनों में मणिपुर जाने का समय नहीं मिला है।’’
हक
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