रायपुर, आठ सितंबर छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के नक्सल प्रभावित व्यक्ति को यात्री बस किराये में 50 फीसदी छूट प्रदान करने का फैसला किया है।
राज्य के जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों ने मंगलवार को यहां बताया कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में बुधवार यहां उनके निवास कार्यालय में कैबिनेट की बैठक आयोजित हुई। उन्होंने बताया कि बैठक में फैसला किया गया कि छत्तीसगढ़ का निवासी व्यक्ति संबंधित जिले के पुलिस अधीक्षक की अनुशंसा पर कलेक्टर द्वारा जारी 'नक्सल प्रभावित व्यक्ति' का प्रमाणपत्र राज्य के भीतर यात्रा के दौरान बस में दिखाता है तब उसे 50 प्रतिशत यात्री किराये के भुगतान से छूट दी जाएगी।
अधिकारियों ने बताया कि कैबिनेट की बैठक में यह भी फैसला किया गया कि नेत्रहीन, बौद्धिक दिव्यांगता, दोनों पैरों से चलने में असमर्थ दिव्यांग व्यक्ति, 80 वर्ष या उससे अधिक वरिष्ठ नागरिक और एचआईवी एड़स से पीड़ित व्यक्तियों को राज्य में किसी भी स्थान पर उपचार या अन्य के लिए एक सहायक के साथ यात्रा करने पर यात्री किराये में 100 प्रतिशत की छूट अर्थात कोई किराया नहीं लिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि बैठक में यात्री बसों में यात्री किराये की दर में बढ़ोतरी का भी अनुमोदन किया गया। अधिकारियों ने बताया कि मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य में लघु वनोपज के प्रसंस्कण और औषधि पौधा आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए राज्य की नयी औद्योगिक नीति 2019-24 के तहत स्थापित उद्योगों में वार्षिक आवश्यकता का 70 प्रतिशत तक कच्चे माल की आपूर्ति छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ द्वारा किए जाने का निर्णय लिया गया।
उन्होंने बताया कि मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य की संस्कृति से संबंधित कई निर्णय लिए गए। बैठक में इस वर्ष राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव 28 अक्टूबर से एक नवंबर यानी छत्तीसगढ़ राज्योत्सव तक आयोजित करने का फैसला किया गया। वहीं राज्य में छत्तीसगढ़ फिल्म नीति-2021 के निर्माण की अनुमति प्रदान की गई।
अधिकारियों ने बताया कि बैठक में निर्णय लिया गया कि छत्तीसगढ़ में निर्मित राष्ट्रीय अवार्ड प्राप्त फिल्म को प्रोत्साहन अनुदान दिया जाएगा जिसके तहत सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय नयी दिल्ली से प्राईम कैटेगरी में राष्ट्रीय अवार्ड प्राप्त करने वाले छत्तीसगढ़ी पृष्ठभूमि के सर्वोत्तम फिल्म, सर्वोत्तम निदेशक, सर्वोत्तम अभिनेता, सर्वोत्तम अभिनेत्री, राष्ट्रीय एकता अथवा सामाजिक संदेश आदि मापदण्ड के लिए अधिकतम एक करोड़ रूपये की राशि (किसी भी एक कैटेगरी में तथा वर्ष में एक बार) अनुदान का प्रावधान किया गया है।
बैठक में फैसला किया गया कि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय भारत सरकार द्वारा वर्ष 2021 में घोषित 67वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार के अंतर्गत 'भूलन द मेज' को क्षेत्रीय छत्तीसगढ़ी की श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ फिल्म का राष्ट्रीय पुरस्कार दिया गया है। इसे वर्ष 2021 के लिए एक करोड़ रूपये प्रोत्साहन अनुदान की पात्रता होगी।
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