देश की खबरें | छत्तीसगढ़: सरकारी अस्पताल में तैनात डॉक्टर कोविड-19 टीकों की कालाबाजारी के आरोप में बर्खास्त

कोरबा, चार जुलाई छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में सरकारी अस्पताल में तैनात एक डॉक्टर को अपने निजी क्लीनिक में कोविड-19 टीके बेचने के आरोप में रविवार को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

कोरबा की कलेक्टर रानु साहू ने कहा कि शिकायतें मिली थीं कि कोरबा में अनुबंध के आधार पर तैनात बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर अशोक कुमार मखीहा कथित रूप से अपने निजी क्लीनिक में कोविड-19 टीके बेच रहे हैं, जिसके बाद कोरबा के उप संभागीय मजिस्ट्रेट (एसडीएम) सुनील नायक ने मामले की जांच की।

उन्होंने कहा, ''जांच में पता चला कि डॉक्टर मखीहा कथित रूप से टीकों की कालाबाजारी में संलिप्त थे। डॉक्टर मखीहा को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है और उनके निजी क्लीनिक को तत्काल प्रभाव से सील करने का आदेश जारी किया गया है, जो बिना किसी लाइसेंस के चल रहा था।''

एसडीएम ने कहा कि अभी यह पता नहीं चल पाया है कि डॉक्टर मखीहा कहां से टीके ले रहे थे।

नायक ने कहा, ''टीके की प्रत्येक शीशी में कुल 10 खुराक होती हैं, और एक बार टीकाकरण के लिए खोले जाने के बाद सभी खुराक का उपयोग एक निर्धारित अवधि के भीतर करना होता है। डॉ मखीहा ने हमें बताया कि वह बचे हुए टीकों (बेकार माने जाने वाले) को एक शीशी में कर लेते थे।''

उन्होंने कहा कि आधिकारिक रिकॉर्ड से पता चलता है कि कोरबा जिले में टीकाकरण केन्द्र में बीते दो महीने में टीके बेकार होने के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली। मामले की जांच जारी है।

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