देश की खबरें | पंजाब में शौर्यचक्र विजेता की हत्या के सिलसिले में आठ केएलएफ आतकवादियों के खिलाफ आरोप तय

नयी दिल्ली, एक सितंबर एनआईए की एक विशेष अदालत ने प्रतिबंधित खालिस्तान लिबरेशन फ्रंट (केएलएफ) के आठ आतंकवादियों के खिलाफ पंजाब में पिछले साल की गयी शौर्य चक्र विजेता बलविंदर सिंह संधू की हत्या के मामले में आरोप तय किये हैं। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के प्रवक्ता ने बुधवार को यह जानकारी दी।

एनआईए ने बताया कि जांच में खुलासा हुआ कि आरोपपत्र में शामिल आरोपी इस आतंकवादी संगठन के पाकिस्तान स्थित नेतृत्व द्वारा रची गयी साजिश का हिस्सा थे।

प्रवक्ता ने बताया कि मोहाली की विशेष एनआईए अदालत के न्यायाधीश ने सुखराज सिंह उर्फ लखनपाल, रवींद्र सिंह उर्फ रवि ढिल्लों, आकाशदीप अरोड़ा उर्फ धालीवाल, जगरूप सिंह, सुखदीप सिंह उर्फ भूरा, गुरजीत सिंह उर्फ भा, इंदरजीत सिंह उर्फ इंदर और सुखमीत पाल उर्फ सुख भिखारीवाल के विरूद्ध भादंसं, अवैध गतिविधि रोकथाम एवं हथियार कानून की संबंधित धाराओं के तहत आरोप तय किये।

संधू को पंजाब में आतंकवाद के चरम पर रहने के दौरान आतंकवादियों के विरूद्ध लड़ाई में बहादुरी के लिए शौर्यचक्र से नवाजा गया था। लेकिन 16 अगस्त, 2020 को तरण तारन के भिखीविंड गांव में उनके आवास सह विद्यालय में दो अज्ञात व्यक्तियों ने उनकी हत्या कर दी। इस संबंध में भिखीविंड थाने में मामला दर्ज किया गया था।

एनआईए ने 26 जनवरी को इस मामले की जांच अपने हाथों में ली थी और 27 अप्रैल को आठ आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था।

एनआईए ने कहा, ‘‘ केएलएफ के प्रमुख लखवीर सिंह रोड और उसके कनाडा के उपप्रमुख सन्नी टोरंटो ने गैंगस्टर से आतंकवादी बने सुख भिखारीवाल को निशानेबाजों का इंतजाम करने एवं इस योजना को अंजाम तक पहुंचाने का जिम्मा दिया था।’’

प्रवक्ता ने बताया कि भिखारीवाल ने सुखदीप सिंह और गुरजीत सिंह को संधू की हत्या करने का निर्देश दिया था। इंदरजीत सिंह, संधू की टोह लेने में शामिल था।

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