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Chardham Yatra: कठिन मौसम, स्वास्थ्य कारणों से इस बार अब तक 203 श्रद्धालुओं की मौत

उच्च गढ़वाल हिमालयी क्षेत्र में स्थित चार धाम की यात्रा के लिए स्वास्थ्य संबंधी परामर्श जारी किए जाने के बावजूद कठिन मौसम और स्वास्थ्य संबंधी कारणों की वजह से अब तक 203 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है. आधिकारिक आंकड़ों से यह जानकारी मिली.

Chardham Yatra: कठिन मौसम, स्वास्थ्य कारणों से इस बार अब तक 203 श्रद्धालुओं की मौत
केदारनाथ धाम (Photo Credit : Twitter)

देहरादून, 28 जून : उच्च गढ़वाल हिमालयी क्षेत्र में स्थित चार धाम की यात्रा के लिए स्वास्थ्य संबंधी परामर्श जारी किए जाने के बावजूद कठिन मौसम और स्वास्थ्य संबंधी कारणों की वजह से अब तक 203 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है. आधिकारिक आंकड़ों से यह जानकारी मिली. चारधाम यात्रा तीन मई को अक्षय तृतीया के पर्व से शुरू हुई थी और अधिकतर श्रद्धालुओं की मृत्यु दिल का दौरा पड़ने से हुई है.

इसके अलावा, विषम पहाड़ी मौसमी दशाओं के चलते कई लोग विशेष रूप से बुजुर्ग तीर्थयात्रियों का स्वास्थ्य खराब भी हुआ जिन्हें हवाई एंबुलेंस समेत तमाम प्रकार की चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई गई.आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 26 जून तक चारधाम यात्रा पर आने वाले 203 श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य संबंधी कारणों से जान चली गयी.

इनमें से सबसे ज्यादा 97 लोगों की मौत केदारनाथ में हुई जबकि बदरीनाथ में 51, यमुनोत्री में 42 और गंगोत्री में 13 तीर्थयात्रियों ने दम तोड़ा. इस बारे में संपर्क किए जाने पर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग लगातार इस पर नजर बनाए हुए है और बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य जांच की जा रही है. उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य संबंधी दिशा निर्देशों का सोशल मीडिया सहित सभी संचार माध्यमों के जरिए प्रचार-प्रसार किया जा रहा है ताकि श्रद्धालु उसका पालन करें और उनकी यात्रा निर्विघ्न रहे.

चारधाम यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं की मौत पहले भी होती रही है, लेकिन इस बार ये आंकड़े अपेक्षाकृत अधिक हैं. इससे पहले, 2019 में 90 से ज्यादा, 2018 में 102, 2017 में 112 चारधाम तीर्थयात्रियों की मृत्यु हुई थी. ये आंकड़े अप्रैल-मई में यात्रा शुरू होने से लेकर अक्टूबर-नवंबर में उसके बंद होने तक यानी छह माह की अवधि के हैं.

इस बार ज्यादा तीर्थयात्रियों की मौत की वजह अधिक संख्या में श्रद्धालुओं का आना माना जा रहा है. पिछले दो साल से कोविड-19 के कारण बाधित रही चारधाम यात्रा में इस बार देश-विदेश के श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है और केवल पौने दो माह की अवधि में ही अब तक साढ़े 25 लाख श्रद्धालु चारधामों के दर्शन कर चुके हैं. यह भी पढ़ें : Maharashtra Crisis: आज बदल सकती है सियासत की तस्वीर, शिंदे गुट और बीजेपी में हो रही डील?

उत्तराखंड सरकार ने चारधाम यात्रा परामर्श जारी किया है, जिसमें सभी धामों-बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के दस हजार से ज्यादा उंचाई पर स्थित होने के कारण अत्यधिक ठंड, कम आर्द्रता, कम हवा का दबाव और ऑक्सीजन की कमी के मद्देनजर तीर्थयात्रियों से अपनी स्वास्थ्य जांच के बाद ही यात्रा आरंभ करने को कहा है. इसके अलावा, किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर उन्हें तत्काल निकटतम स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचने तथा 104 हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करने की सलाह दी गई है.

अति वृद्ध, बीमार एवं पूर्व में कोविड-19 से पीड़ित रहे व्यक्तियों को यात्रा पर नहीं जाने या कुछ समय के लिए उसे स्थगित करने की सलाह दी गयी है. इसके अलावा, तीर्थस्थल पर पहुंचने से पूर्व तीर्थयात्रियों को मार्ग में एक दिन का विश्राम करने का सुझाव दिया गया है. यह भी पढ़ें : Maharashtra Crisis: आज बदल सकती है सियासत की तस्वीर, शिंदे गुट और बीजेपी में हो रही डील?

तीर्थयात्रियों को गर्म एवं ऊनी वस्त्र साथ में रखने, यात्रा के दौरान पानी पीते रहने, भूखे पेट नहीं रहने, लंबी पैदल यात्रा के दौरान बीच-बीच में विश्राम करने, ऊंचाई वाले क्षेत्रों में व्यायाम नहीं करने को कहा गया है. राज्य सरकार ने स्वास्थ्य संबंधी परामर्श इस सबंध में गठित एक विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट के आधार पर जारी किए हैं जिसमें यह पाया गया कि यात्रा में दम तोड़ने वाले ज्यादातर लोगों की उम्र 50 वर्ष से ज्यादा थी और उनमें से कई पूर्व में कोरोना वायरस से संक्रमित हुए थे. अधिकारियों ने बताया कि चारधाम यात्रा मार्गों पर लगातार श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य की जांच की जा रही है और अब तक 3,76,547 लोगों की जांच की जा चुकी है. इनमें से 96 श्रद्धालुओं को यात्रा पर आगे नहीं जाने की सलाह देते हुए वापस भी भेजा गया है.

(The above story first appeared on LatestLY on Jun 28, 2022 12:12 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).