देश की खबरें | चंद्रयान-3 की सफलता, देश की सामूहिक सफलता है: खरगे

नयी दिल्ली, 23 अगस्त कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बुधवार को कहा कि चंद्रयान-3 अभियान की सफलता, देश की सामूहिक सफलता है।

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने बुधवार को अंतरिक्ष क्षेत्र में एक नया इतिहास रचते हुए चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर लैंडर ‘विक्रम’ और रोवर ‘प्रज्ञान’ से लैस एलएम की साफ्ट लैंडिग कराने में सफलता हासिल की। भारतीय समयानुसार शाम करीब छह बजकर चार मिनट पर इसने चांद की सतह को छुआ।

खरगे ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘चंद्रयान-3 की सफलता प्रत्येक भारतीय की सामूहिक सफलता है। 140 करोड़ आकांक्षाओं वाले उत्साहित राष्ट्र ने आज अपने छह दशक लंबे अंतरिक्ष कार्यक्रम में एक और उपलब्धि देखी। हम अपने वैज्ञानिकों, अंतरिक्ष इंजीनियरों, शोधकर्ताओं और इस मिशन को भारत की विजय बनाने में शामिल सभी लोगों की कड़ी मेहनत, अद्वितीय सरलता और दृढ़ समर्पण के लिए उनके आभारी हैं।’’

उन्होंने कहा कि साल 2008 में जब चंद्रयान-1 मिशन के तहत ‘मून इम्पैक्ट प्रोब’ (एमआईपी) राष्ट्रीय ध्वज लेकर चंद्रमा पर उतरा, तो हम चंद्रमा की सतह पर एक वैज्ञानिक उपकरण उतारने वाले चौथे देश बन गए।

खरगे ने कहा, ‘‘आज चंद्रयान-3 के माध्यम से हमने दुनिया के सामने अपनी वैज्ञानिक क्षमता का परिचय दिया है। विक्रम लैंडर और प्रज्ञान रोवर की सॉफ्ट लैंडिंग डॉ. होमी जे भाभा, डॉ. विक्रम साराभाई, डॉ. सतीश धवन, डॉ. मेघनाद साहा, डॉ. शांति स्वरूप भटनागर, डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम और कई अन्य महान वैज्ञानिकों को एक सच्ची श्रद्धांजलि है, जिन्होंने इसका मार्ग प्रशस्त किया। यह अंतरिक्ष अनुसंधान और वैज्ञानिक निपुणता के क्षेत्र में भारत की अतुलनीय प्रगति का मार्ग है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ ऐतिहासिक चंद्रयान-1 ने चंद्रमा की सतह पर पानी के अणुओं की उपस्थिति की पुष्टि की तथा चंद्रयान-2 ने पहली बार क्रोमियम, मैंगनीज और सोडियम की मौजूदगी का पता लगाया। ‘मंगलयान’ ने भारत को अपने पहले ही प्रयास में अंतरग्रहीय मिशन को सफलतापूर्वक हासिल करने वाला पहला देश बना दिया।’’

खरगे ने कहा कि ये उपलब्धियां पंडित जवाहरलाल नेहरू के दृष्टिकोण का प्रमाण हैं जिन्होंने इस बात पर जोर दिया था और ईमानदारी से विश्वास किया था कि विज्ञान के प्रति एक महत्वपूर्ण प्रतिबद्धता लोगों की भावना नए स्वतंत्र राष्ट्र के विकास की भावना को आगे बढ़ा सकती है। बाद में लगातार प्रधानमंत्रियों ने इसका अनुसरण किया।’’

उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस पार्टी ने हमेशा विश्व शांति और भाईचारे की उन्नति में विश्वास किया है, और चंद्रमा की सतह पर विक्रम लैंडर का उतरना शांतिपूर्ण और कल्याणकारी उद्देश्यों के लिए विज्ञान का उपयोग करने की हमारी प्रतिबद्धता की पुष्टि है।’’

खरगे ने कहा, ‘‘आर्यभट्ट मिशन से लेकर विंग कमांडर राकेश शर्मा की अंतरिक्ष यात्रा तक - जहां उन्होंने कहा था "सारे जहां से अच्छा हिंदोस्तां हमारा" से लेकर चंद्रयान मिशन तक, भारत ने अंतरिक्ष अनुसंधान और अन्वेषण में एक लंबा सफर तय किया है।’’

हक

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