देश की खबरें | केंद्र के गेहूं निर्यात पर प्रतिबंध से किसानों का नुकसान हुआ, छूट से निर्यातक लाभ कमा रहे: योगेंद्र यादव

कोलकाता, 25 मई जय किसान आंदोलन के नेता और प्रसिद्ध समाजशास्त्री योगेंद्र यादव ने बुधवार को आरोप लगाया कि केंद्र द्वारा गेहूं के निर्यात पर लगाए गए प्रतिबंध से मंडियों में कीमतों में गिरावट आई है, जिससे किसानों के हितों को नुकसान पहुंचा जबकि निर्यातकों का अनाज की खेप भेजकर वैश्विक स्तर पर बढ़े मूल्य का लाभ उठाना जारी है।

यादव ने नरेंद्र मोदी नीत सरकार पर न्यूनतम समर्थन मूल्य के मुद्दे पर एक समिति गठित करने और किसानों के खिलाफ मामले वापस लेने के अपने वादे से मुकरने का भी आरोप लगाया।

यादव ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ''निर्यात प्रतिबंध की घोषणा के बाद गेहूं की कीमतों में जबरदस्त गिरावट आई, जिसका मतलब था कि पहले से ही भीषण गर्मी के कारण फसल की पैदावार कम होने से जूझ रहे किसानों को एक और नुकसान हुआ। ठीक इसी समय, प्रतिबंध आदेश में बदलाव का मतलब है कि निर्यातक निर्यात जारी रख लाभ (अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गेहूं की ऊंची कीमतों से) कमा सकते हैं।''

कीमतों में वृद्धि का हवाला देते हुए यादव ने कहा कि देश से गेहूं के निर्यात पर प्रतिबंध की घोषणा के बाद गेहूं की कीमत सात मई के 2,881 रुपये प्रति क्विंटल से गिरकर 13 मई को 2,220 रुपये प्रति क्विंटल हो गई।

यादव ने कहा कि दूसरी ओर वैश्विक कीमतों में वृद्धि जारी है, जहां अर्जेंटीना के गेहूं की कीमत 475 डॉलर प्रति टन और यूरोपीय संघ के फ्रांस ग्रेड-1 की बिक्री 451 डॉलर प्रति टन पर हो रही है।

उन्होंने कहा कि जिन निर्यातकों ने 13 मई से पहले बिक्री का अनुबंध किया था, उन्हें प्रतिबंध आदेश से छूट देते हुए बिक्री जारी रखने की अनुमति दी गई।

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