देश की खबरें | जेल में मानसिक स्वास्थ्य प्रतिष्ठान संबंधी याचिका पर केंद्र, राज्यों से जवाब तलब

नयी दिल्ली, दो सितंबर उच्चतम न्यायालय ने देश भर के कारागारों में मानसिक स्वास्थ्य प्रतिष्ठान स्थापित करने का अनुरोध करने वाली जनहित याचिका पर शुक्रवार को केंद्र और अन्य से जवाब मांगा।

न्यायमूर्ति एस ए नजीर और न्यायमूर्ति वी रामसुब्रमण्यम की पीठ ने वकील कुश कालरा द्वारा दायर एक याचिका पर केंद्र, सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को नोटिस जारी किए।

मामले की सुनवाई 21 अक्टूबर को होने की संभावना है।

याचिका में कहा गया है, ‘‘याचिकाकर्ता ने भारत के कारागारों में स्थापित मानसिक स्वास्थ्य प्रतिष्ठानों की के बारे में जानने के लिए सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत आवेदन दायर किया।’’

इसमें कहा गया है, ‘‘याचिकाकर्ता यह जानकर हैरान रह गया कि भारत के अधिकतर कारागारों में मानसिक स्वास्थ्य अधिनियम, 2017 की धारा 103 (छह) के तहत अनिवार्य मानसिक स्वास्थ्य प्रतिष्ठान नहीं हैं।’’

याचिका में मानसिक स्वास्थ्य के प्रावधानों के बारे में कारागार कर्मचारियों और पुलिस को प्रशिक्षण देने एवं जागरूकता फैलाने के निर्देश देने का भी अनुरोध किया गया है।

जनहित याचिका में कहा गया है कि मानसिक बीमारी कैदियों में आत्महत्या की प्रवृत्ति पैदा करती है और जेल कर्मचारियों में मानसिक बीमारी से जूझ रहे कैदियों के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने की आवश्यकता है।

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