जरुरी जानकारी | केंद्र ने लाल चंदन की लकड़ी के निर्यात के लिए ओडिशा को प्रतिबंध नियमों में ढील दी

नयी दिल्ली, आठ अक्टूबर केंद्र ने ओडिशा को 810.18 टन लाल चंदन की लकड़ी को छोटे-बड़े टुकड़ों की खेप के रूप में भेजने के लिए निर्यात प्रतिबंध नियमों में ढील दी है।

ओडिशा के परलाखेमुंडी वन प्रभाग से चक्रवात के कारण गिरने वाले लाल चंदन की लकड़ी को छोटे-बड़े टुकड़ों के रूप में निर्यात करने की छूट दी गई है।

विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) की एक अधिसूचना के अनुसार, राज्य का वन, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन विभाग, 12 महीने के भीतर संबंधित मात्रा के निर्यात के तौर-तरीकों को अंतिम रूप देगा।

इसमें कहा गया है, ‘‘वन, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन विभाग, ओडिशा सरकार को लकड़ी के छोटे-छोटे टुकड़ों के आकार में 810.18 टन लाल चंदन की लकड़ी के निर्यात को प्रतिबंध में ढील दी गई है।’’

वर्ष 2017 में, सरकार ने लकड़ी की लुप्तप्राय प्रजाति लाल चंदन के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया था।

इसे रखना और बेचना गैर कानूनी है।

लाल चंदन मुख्य रूप से रायलसीमा क्षेत्र में कडपा, चित्तूर और कुर्नूल में फैले शेषचलम पहाड़ी श्रृंखला और आंध्र प्रदेश में नेल्लोर जिले के कुछ हिस्सों में पाया जाता है।

विदेशों में इसकी भारी मांग है, खासकर चीन और जापान में, जहां इसकी अच्छी कीमत है।

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